Ghaziabad News: इंदिरापुरम के बाद अब हरनंदीपुरम... गाजियाबाद में और कहां-कहां ले सकते हैं घर, रियल एस्टेट में किधर बनेगा पैसा?
गाजियाबाद अब अफोर्डेबल से लग्जरी की ओर बढ़ रहा है. जानें NH-24, सिद्धार्थ विहार, वेव सिटी और नई हरनंदीपुरम योजना में निवेश के फायदे और प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों का पूरा विश्लेषण.
Greater Ghaziabad Growth: दो से तीन रेलवे स्टेशन, मेट्रो रेल, नमो भारत रैपिड रेल, नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे... क्या नहीं है इस शहर में भला! दिल्ली और नोएडा से कम थोड़े न है, शहर गाजियाबाद. और ये दूर भी नहीं. आप इस पल को गाजियाबाद (Ghaziabad) होते हैं और मिनटों में दिल्ली-नोएडा पहुंच जाते हैं. अब देखिए न, दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने का सपना भला किसका नहीं होता, लेकिन दिल्ली और नोएडा की मौजूदा डील बहुतों को पसंद नहीं आती. ऐसे में गाजियाबाद एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. जिस तेजी से गाजियाबाद का विस्तार हो रहा है, यहां रियल एस्टेट कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं.
गाजियाबाद अब 'अफोर्डेबल' (सस्ता) से 'एस्पिरेशनल' (आकांक्षी) मार्केट की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है. जो शहर कभी सिर्फ दिल्ली के एक सस्ते विकल्प के रूप में देखा जाता था, वह आज एनएच-24, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और आरआरटीएस (RRTS) जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दम पर एक प्रीमियम रियल एस्टेट हब बन चुका है. अगर आप निवेश या रहने के लिए सही संतुलन की तलाश में हैं, तो गाजियाबाद का नया नक्शा आपको कई बेहतरीन विकल्प दे रहा है.
सस्ते घर से 'लग्जरी टाउनशिप' का सफर
गाजियाबाद के रियल एस्टेट में सबसे बड़ा बदलाव इसकी इमेज में आया है. अब यहां सिर्फ ईंट-गारे के मकान नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुख-सुविधाओं वाली लग्जरी टाउनशिप बन रही हैं. रियल एस्टेट डेटा फर्म प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट इस बदलाव की तस्दीक करती है, जिसके मुताबिक 2019 से 2024 के बीच गाजियाबाद में प्रॉपर्टी की कीमतों में 139% तक का भारी उछाल आया है. 2025 की शुरुआत में भी यह रफ्तार थमी नहीं है और सालाना लगभग 8% की ग्रोथ देखी जा रही है.

इस बदलाव पर गौड़ ग्रुप के CMD मनोज गौड़ कहते हैं, 'गाजियाबाद आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. पहले यह सिर्फ अफोर्डेबल हाउसिंग का विकल्प माना जाता था, लेकिन अब यह एक एस्पिरेशनल मार्केट बन चुका है. खासकर NH-24 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के आसपास जो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ है, उसने लोगों की सोच बदल दी है. आज खरीदार सिर्फ घर नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी और लाइफस्टाइल खरीदना चाहता है.'
NH-24: गाजियाबाद का नया 'ग्रोथ इंजन'
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौड़ीकरण ने इस पूरे कॉरिडोर की किस्मत बदल दी है. अब दिल्ली से गाजियाबाद का सफर मात्र 25-30 मिनट का रह गया है. हिंडन एयरपोर्ट की नजदीकी और मेट्रो के विस्तार ने इसे निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है.
इस प्रीमियम होते कॉरिडोर पर साया ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन विकास भसीन का कहना है कि NH-24 अब तेजी से एक प्रीमियम रियल एस्टेट कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है. यहां सिर्फ कंस्ट्रक्शन नहीं, बल्कि डिजाइन, ओपन स्पेस और क्वालिटी लिविंग पर फोकस किया जा रहा है. आने वाले समय में यह इलाका उन लोगों की पहली पसंद बनेगा, जो दिल्ली के करीब रहकर बेहतर और सुकूनभरी लाइफस्टाइल चाहते हैं.

इन्वेस्टमेंट हॉटस्पॉट्स: जहां लग रहा है निवेशकों का तांता
सिद्धार्थ विहार: प्रीमियम लिविंग का नया केंद्र
एनएच-24 पर स्थित सिद्धार्थ विहार तेजी से एक प्रीमियम हब के रूप में विकसित हो रहा है. नोएडा सेक्टर-62 और इंदिरापुरम की नजदीकी इसे बेहद खास बनाती है. यहां से शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन पास है और स्कूल-अस्पताल जैसी सुविधाएं पहले से ही मौजूद हैं.
प्रतीक ग्रुप के एमडी प्रतीक तिवारी के अनुसार, RRTS जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने इस पूरे कॉरिडोर की इमेज बदल दी है. सिद्धार्थ विहार जैसे लोकेशन अब प्रीमियम लिविंग के नए सेंटर बनते जा रहे हैं, जहां लोग सिर्फ रहने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए निवेश कर रहे हैं.
वेव सिटी: स्मार्ट और फ्यूचर-रेडी शहर
1,470 एकड़ में फैली यह हाई-टेक सिटी स्मार्ट लाइफस्टाइल का उदाहरण है. यहां 2026 तक प्रॉपर्टी की कीमतें ₹10,550 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुकी हैं. 15 हजार से ज्यादा लोग यहां पहले से रह रहे हैं, जो इसे एक जीवंत समुदाय बनाता है.
हरनंदीपुरम: गाजियाबाद की नई 'स्मार्ट टाउनशिप'
जीडीए (GDA) की हरनंदीपुरम योजना को 'नया गाजियाबाद' कहा जा रहा है. राजनगर एक्सटेंशन के पास हिंडन नदी किनारे 500 हेक्टेयर में विकसित हो रही यह टाउनशिप पूरी तरह से प्लान्ड है. यहां रेजिडेंशियल प्लॉट के साथ कमर्शियल स्पेस भी होंगे, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है.

सुविधाओं और कीमतों का सही संतुलन
इतनी तेजी के बावजूद, एनएच-24 के आसपास कीमतें अभी भी नोएडा और पूर्वी दिल्ली के मुकाबले 20-30% कम हैं. यही वह 'विंडो' है जहां निवेशक पैसा बना रहे हैं. इस पर काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी अपनी राय रखते हैं, 'आज का होमबायर काफी जागरूक है. वह सिर्फ कम कीमत नहीं देखता, बल्कि यह भी देखता है कि उसे उस कीमत पर क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं. NH-24 कॉरिडोर इस मामले में काफी संतुलित है. यहां गेटेड कम्युनिटी, क्लब हाउस और रिटेल सुविधाएं अब 'लक्जरी' नहीं, बल्कि 'जरूरत' बन चुकी हैं. अच्छी बात यह है कि ये सभी सुविधाएं अभी भी ऐसी कीमतों पर उपलब्ध हैं, जो एनसीआर के दूसरे हिस्सों में एंट्री लेवल मानी जाएंगी.'
निवेश के नजरिए से भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यहां न केवल प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ेंगी, बल्कि रेंटल डिमांड (किराये की मांग) में भी भारी इजाफा होगा. मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी कहते हैं, 'अगर निवेश के नजरिए से देखा जाए, तो NH-24 कॉरिडोर ने पिछले कुछ सालों में शानदार परफॉर्म किया है. 139% तक की कीमतों में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि शुरुआती निवेशकों को कितना फायदा मिला है. आने वाले समय में यहां रेंटल डिमांड भी तेजी से बढ़ेगी. ऐसे में यह इलाका लॉन्ग टर्म निवेश के लिए काफी मजबूत विकल्प बनता जा रहा है.
बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर और बदलती लाइफस्टाइल... ये सभी संकेत दे रहे हैं कि गाजियाबाद का एक बड़ा हिस्सा अब एनसीआर का सबसे मजबूत रियल एस्टेट हब बन चुका है. चाहे वह एंड-यूजर हो या निवेशक, एनएच-24 कॉरिडोर आज एक 'स्मार्ट चॉइस' के रूप में खड़ा है.
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये न्यूज स्टोरी, अलग-अलग स्रोतों से जुटाई गई जानकारी, आंकड़ों और रिपोर्ट्स के आधार पर हैं. इसे किसी भी हाल में निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. खबर में एक्सपर्ट्स की राय से NDTV का सहमत या असहमत होना जरूरी नहीं है.
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