Who is Rahul Sankrityan: विजय देवरकोंडा की फिल्मों का फैंस को इंतजार रहता है. उनकी फिल्म राणाबली से पहली झलक रिपब्लिक डे के मौके पर फैंस को देखने को मिली है. इस पावरफुल झलक की बात सोशल मीडिया पर हर जगह हो रही है. विजय के साथ एक और नाम सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और वो है राहुल सांकृत्यायन . राणाबली की खास बात ये है कि इसमें विजय देवरकोंडा के साथ रश्मिका मंदाना लीड रोल में नजर आएंगी. दोनों डियर कॉमरेड के बाद एक बार फिर साथ में नजर आने वाले हैं. ये एक हिस्टोरिकल ड्रामा फिल्म है. विजय और रश्मिका को तो सब जानते हैं मगर एक और नाम जो डायरेक्टर राहुल का छाया हुआ है. आइए आपको राहुल के बारे में खास बातें बताते हैं.
ऐसा ही फिल्म की झलक
राहुल सांकृत्यायन की झलक में कहानी डार्क साइड की तरफ फोकस करती है. इसमें उन इलाकों का जिक्र है जिन्हें सर रिचर्ड टेम्पल जैसे ब्रिटिश अधिकारियों ने जानबूझकर सूखे और अकाल की तरफ धकेल दिया था. फिल्म बड़े पैमाने पर हुई मौतों और आर्थिक शोषण के बारे में बोल्ड बयान देती है. ये दावे, दमदार तस्वीरों के जरिए दिखाए गए हैं, जो लोगों के दिलों को छूने और चर्चा शुरू करने के लिए बनाए गए हैं.
कौन है राहुल
जहां कास्ट काफी ध्यान खींच रही है, वहीं राहुल सांकृत्यायन का इस प्रोजेक्ट तक का सफर भी उतना ही दिलचस्प है. द हिंदू को दिए 2018 के एक इंटरव्यू में, फिल्ममेकर ने बताया कि वो कभी इंफोसिस में सिस्टम इंजीनियर थे. हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस में BTech ग्रेजुएट राहुल ने अपनी फुल-टाइम टेक जॉब के साथ सिनेमा के अपने पैशन को भी संभाला, और रात में शॉर्ट फिल्में शूट करते थे. उनकी एक शॉर्ट फिल्म ने उन्हें MAA TV अवॉर्ड भी दिलाया.
फिल्मों में अपने ट्रांजिशन के बारे में बताते हुए राहुल ने शेयर किया कि उन्हें सबसे ज्यादा जिस चीज ने एक्साइट किया, वो था भरोसेमंद किरदार बनाने और सीन-दर-सीन एक अलग रियलिटी बनाने का प्रोसेस. उन्होंने माना कि उन्होंने ज्यादातर ट्रायल और एरर से फिल्म मेकिंग सीखी क्योंकि वह अनंतपुर से थे और फिल्म स्कूलों या इंडस्ट्री से उनका ज्यादा वास्ता नहीं था. उनके मुताबिक, इंजीनियरिंग के अपने आखिरी साल में उन्होंने फिल्म मेकिंग को करियर बनाने का पक्का फैसला किया था.
राहुल ने 2014 में अपनी पहली फीचर फिल्म 'द एंड' बनाने से ठीक पहले अपनी नौकरी छोड़ दी थी, जिससे शुरू में उनके माता-पिता चिंतित हो गए थे. हालांकि, फिल्म रिलीज होने के बाद, उन्हें सुकुमार जैसे जाने-माने फिल्म निर्माताओं से प्रोत्साहन मिला, जिन्होंने उन्हें फिल्में बनाना जारी रखने के लिए प्रेरित किया.