बॉलीवुड में कई फिल्मों की कहानी सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनकी कास्टिंग के पीछे भी दिलचस्प किस्से छुपे होते हैं. 1990 में आई फिल्म ‘घायल ‘भी ऐसी ही एक फिल्म है, जिसने सनी देओल को रातोंरात बड़ा स्टार बना दिया था. लेकिन कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म तक पहुंचने का उनका रास्ता सीधा नहीं था, बल्कि इसमें कई बड़े नाम जुड़े और फिर हटे. घायल के लिए सनी देओल पहली पसंद नहीं था. उस समय एक सुपरस्टार रहे एक एक्टर को यह फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन पापा धर्मेंद्र की मदद से सनी देओल ने इस एक्टर को फिल्म से बाहर कर दिया था.
ये भी पढ़ें: नमाज के फायदे बताने पर नमिता थापर को मिली गालियां,गुस्से में अब बोलीं- मैं एक प्राउड हिंदू हूं
घायल के लिए धर्मेन्द्र थे पहली पसंद
डायरेक्टर राजकुमार संतोषी सबसे पहले ‘घायल' के लिए धर्मेंद्र को कास्ट करना चाहते थे. कहानी उन्हें पसंद भी आई थी, लेकिन बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्होंने इस फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया. इसके बाद यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ा और कास्टिंग में बदलाव शुरू हुआ.
धर्मेन्द्र के फोन के बाद हुई सनी देओल की एंट्री
घायल के लिए राजकुमार संतोषी की दूसरी पसंद मिथुन चक्रवर्ती थे. मिथुन इस रोल के लिए तैयार भी हो गए थे. लेकिन तभी एक ट्विस्ट आया. दरअसल, धर्मेन्द्र को ये कहानी इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने खुद राजकुमार संतोषी को फोन कर उनसे कहा कि वे सनी के साथ ये फिल्म बना सकते हैं, क्योंकि सनी इस किरदार में पूरी तरह से फिट बैठता है. इस तरह से ये रोल मिथुन के हाथ से छिटककर सनी देओल की झोली में जा गिरा. घायल फिल्म सनी देओल के करियर का एक टर्निंग पाइंट साबित हुई और इस फिल्म ने इतिहास रच डाला.
सनी के लिए गेमचेंजर बनी घायल
दिलचस्प यह है कि ‘घायल ‘ सिर्फ एक हिट फिल्म नहीं रही, बल्कि इसने सनी देओल की पूरी इमेज बदल दी. इससे पहले जहां वह इंडस्ट्री में अपनी जगह तलाश रहे थे, वहीं इस फिल्म के बाद उन्हें एंग्री यंग मैन के तौर पर पहचान मिली. नेशनल अवॉर्ड और फिल्मफेयर जैसे बड़े सम्मान मिलने के साथ सनी देओल सीधे टॉप स्टार्स की लिस्ट में शामिल हो गए. यानी कास्टिंग में आखिरी वक्त पर हुआ यह बदलाव न सिर्फ फिल्म के लिए, बल्कि सनी देओल के पूरे करियर के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ.