बॉलीवुड की चमक-दमक को देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि फिल्मों में काम करने वाले कलाकारों की जिंदगी हमेशा आसान और सफल होती है, लेकिन सच्चाई इससे काफी अलग होती है. ऐसे कई कलाकार रहे हैं, जिन्होंने शानदार शुरुआत की, लोगों का प्यार भी पाया, लेकिन फिर धीरे-धीरे काम कम होता गया और उन्हें मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा. ऐसे ही कलाकार है 90 के दशक के अभिनेता रवि बहल. रवि बहल के जीवन में एक समय ऐसा भी आया, जब फिल्मों के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने अभिनय छोड़कर कपड़ों का कारोबार शुरू करने तक का मन बना लिया था. हालांकि किस्मत ने बाद में उनकी जिंदगी को ऐसा मोड़ दिया, जिसने उन्हें फिर से पहचान दिला दी.
फिल्मी परिवार से हैं रवि बहल
रवि बहल का जन्म 10 मई 1966 को मुंबई में हुआ था. वह एक बड़े फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता श्याम बहल जाने-माने फिल्म निर्माता थे. बचपन से ही उनके आसपास फिल्मों का माहौल था. यही वजह रही कि रवि बहल ने भी कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया. उन्होंने साल 1980 में फिल्म 'मोर्चा' से अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह साल 1984 में फिल्म 'इंतिहा' में नजर आए. धीरे-धीरे उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी.
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सनी देओल की फिल्म से मिली पहचान
रवि बहल को असली पहचान फिल्म 'नरसिम्हा' से मिली. इस फिल्म में सनी देओल और उर्मिला मातोंडकर मुख्य भूमिका में थे. फिल्म का गाना 'हमसे तुम दोस्ती कर लो' उस दौर में बड़ा हिट साबित हुआ. इस गाने में रवि बहल का स्टाइल, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस को लोगों ने खूब पसंद किया. उस समय वह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए थे. उस समय कई लोगों का दावा था कि फिल्म में रवि बहल ने अपनी मौजूदगी से सनी देओल तक को कड़ी टक्कर दी थी.
बड़े बड़े सुपरस्टार्स संग काम करके भी नहीं मिली पहचान
इसके बाद रवि बहल ने 'दलाल', 'अग्नि साक्षी' और 'गुलाम-ए-मुस्तफा' समेत कई फिल्मों में काम किया. उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ, नाना पाटेकर और रवीना टंडन जैसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन साझा की. हालांकि इतनी फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें वह बड़ा स्टारडम नहीं मिल सका, जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी.
खराब करियर में बना लिया था बॉलीवुड छोड़ने का मन
धीरे-धीरे उनका फिल्मी करियर कमजोर पड़ने लगा. उन्हें फिल्मों में छोटे किरदार मिलने लगे. यही वह समय था जब रवि बहल काफी परेशान रहने लगे. उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि करियर के खराब दौर में उन्होंने अभिनय छोड़ने तक का मन बना लिया था. इतना ही नहीं, उन्होंने कपड़ों का कारोबार शुरू करने के बारे में भी सोचना शुरू कर दिया था. उन्हें लगने लगा था कि शायद फिल्मों में अब उनके लिए ज्यादा मौके नहीं बचे हैं, लेकिन जिंदगी ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था.
बूगी वूगी से चमकी किस्मत
साल 1996 में उनकी मुलाकात जावेद जाफरी से हुई और दोनों ने मिलकर टीवी शो 'बूगी वूगी' शुरू किया. यह शो भारतीय टेलीविजन का सबसे लोकप्रिय डांस शो बन गया. शो में रवि बहल का मजाकिया अंदाज, डांस और होस्टिंग लोगों को बहुत पसंद आई. इस शो ने उन्हें फिर से पहचान दिलाई और आर्थिक तौर पर भी मजबूत बनाया. एक समय ऐसा था, जब रवि बहल फिल्में छोड़ने के बारे में सोच रहे थे, वहीं एक समय ऐसा भी आया कि वह टीवी की दुनिया का बड़ा चेहरा बन गया. 'बूगी वूगी' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. आज भी लोग उन्हें उसी शो और 90 के दशक की फिल्मों के लिए याद करते हैं. लंबे समय बाद उन्होंने वेब सीरीज 'द नाइट मैनेजर' से वापसी की, जहां उनके अभिनय की जमकर तारीफ हुई.
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