पुरानी हवेली में 100 साल से कैद थी शैतान की आत्मा, फिर हुआ मौत का तांडव, 80 में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर की रिकॉर्डतोड़ कमाई 

80 और 90 के दशक में बनने वाली हॉरर फिल्में हंसाती नहीं बल्कि अंदर तक डराती थी.

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पुरानी हवेली में 100 साल से कैद थी  शैतान की आत्मा
नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मों का क्रेज शुरू से ही बरकरार है, लेकिन आज के सिनेमा में इसमें कॉमेडी का तड़का लगा दिया गया है. इंडियन सिनेमा की सबसे कमाऊ हॉरर-कॉमेडी फिल्म श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर स्त्री 2 है, लेकिन 80 और 90 के दशक में बनने वाली हॉरर फिल्में हंसाती नहीं बल्कि अंदर तक डराती थी. रामसे ब्रदर्स हॉरर फिल्मों के बादशाह रहे हैं और उन्होंने वीराना व बंद दरवाजा जैसी डरावनी फिल्में से लोगों की चीखें निकलवा दी थी. वहीं, 80 के दशक में रामसे ब्रदर्स की फिल्म पुराना मंदिर (1984) ने तो दर्शकों की रातों की नींद उड़ा दी थी.

बजट का कमाया 100 गुना
हॉरर फिल्मों के मास्टर रामसे ब्रदर्स, जिन्होंने 80 और 90 के दशक में दर्शकों कौ खौफनाक भूतिया फिल्मों के दर्शन कराए थे और लोगों में भूतिया फिल्मों को लेकर एक नया क्रेज पैदा किया था. रामसे ब्रदर्स ने ऐसी कई हॉरर फिल्में बनाई, जो कम बजट के बावजूद मोटा पैसा कमाने में कामयाब रहीं. इसमें एक थी पुराना मंदिर, जो एक बी-ग्रेड हॉरर फिल्म थी और ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत से 10 गुना कमाकर सभी को हैरान कर दिया था. तुलसी और श्याम रामसे ने फिल्म पुराना मंदिर का निर्देशन किया था. फिल्म पुराना मंदिर का बजट 2.50 लाख रुपये था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की थी.

फिल्म पुराना मंदिर की कहानी

फिल्म की कहानी एक पुरानी हवेली के ईर्द-गिर्द घूमती है. इस पुरानी हवेली में भयानक शैतान सामरी 100 साल कैद है, जिसका रोल एक्टर अनिरुद्ध अग्रवाल ने प्ले किया था. वहीं, इस हवेली में कुछ नौजवानों के आने के बाद यह शैतान मुक्त हो जाता है और फिर अपना तांडव दिखाता है. फिल्म की स्टारकास्ट में मोहनीश बहल, पुनी इस्सर, आरती गुप्ता, सदाशिव अमरापुरकर और सतीश शाह अहम रोल में नजर आए थे. इस फिल्म को देखने के बाद लोगों के दिलों में दहशत पैदा हो गई थी और वो रात में अकेले निकलने से भी डरते थे.
 

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