14 मिलियन बार देखा जा चुका है ये गढ़वाली गाना, गुलाबी शरारा का तोड़ पाएगा रिकॉर्ड

उत्तराखंड का गाना 'स्वामी परदेश' यूट्यूब पर 1.47 करोड़ से ज्यादा व्यूज बटोर चुका है. लोकधुन, रैप और मॉडर्न म्यूजिक के शानदार फ्यूजन ने इस गाने को लोगों का नया फेवरेट बना दिया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
यूट्यूब पर छाया गढ़वाली गाना स्वामी परदेश
Social Media
नई दिल्ली:

पहाड़ी संगीत अब सिर्फ उत्तराखंड तक में ही पसंद नहीं किया जाता बल्कि देश-दुनिया के दर्शकों के बीच भी अपनी अलग पहचान बना रहा है. इसका ताजा मिसाल है 'स्वामी परदेश' सॉन्ग. जिसने यूट्यूब पर 1.47 करोड़ (14.77 मिलियन) से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं. ये गाना 'भेजी भुला' एल्बम का हिस्सा है जिसे उत्तराखंडी संगीत को इंटरनेशनल म्यूजिक स्टाइल के साथ पेश करने की कोशिश माना जा रहा है. लोकधुन, रैप और मॉर्डन म्यूजिक का अनोखा मेल इस गाने को खास बनाता है. यही वजह है कि रिलीज के बाद से ये लगातार दर्शकों की पसंद बना हुआ है.

लोकधुन और रैप का अनोखा संगम

'स्वामी परदेश' को त्राटक म्यूजिक ने पेश किया है. इस गाने को सूरज त्राटक, उदय सिंह रावत और सिराजी ने अपनी आवाज और अंदाज से खास बनाया है. वहीं मंजू नौटियाल की पारंपरिक लोक गायकी ने इसे उत्तराखंड की संस्कृति से जोड़ने का काम किया है. गाने का संगीत, मिक्सिंग और मास्टरिंग DeRAWAT ने की है. गाने के बोल सूरज त्राटक, उदय और सिराजी ने लिखे हैं. जबकि मंजू नौटियाल के हिस्से में पारंपरिक लोकगीतों की झलक देखने को मिलती है. वीडियो में ऋतिका कैस्था नजर आई हैं. गाने की शूटिंग देहरादून के डिंडियाली इलाके में की गई है. वहां की खूबसूरत वादियों ने गाने को सुनने के साथ साथ देखने लायक भी बना दिया है.

'भेजी भुला' एल्बम को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स

'स्वामी परदेश' 'भेजी भुला' एल्बम का हिस्सा है. एल्बम के प्रोड्यूसर्स का कहना है कि उनका मकसद उत्तराखंडी संगीत को ग्लोबल लेवल के साउंड और प्रोडक्शन के साथ पेश करना है ताकि नई पीढ़ी भी अपनी लोक संस्कृति से जुड़ सके. यही वजह है कि पारंपरिक धुनों को आधुनिक बीट्स और रैप के साथ जोड़ा गया है. वीडियो का डायरेक्शन शुभम करणवाल ने किया है, जबकि सिनेमैटोग्राफी अजय धनोला, वासु मखलोगा और पंकज वैद्य ने संभाली है. रिलीज के बाद से गाने को लगातार शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. 1.47 करोड़ से ज्यादा व्यूज इस बात का संकेत हैं कि उत्तराखंड का लोक संगीत अब नए प्रयोगों के साथ बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंच रहा है और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है.

क्या है गाने की कहानी?

इस गाने में पत्नी अपने पति से शिकायत कर रही है कि सभी लोग परदेस में हैं लेकिन वो गांव में अकेली छूट गई हैं. इसके बाद रैप के जरिए कहानी आगे बढ़ती है जिसमें उससे वादा किया जाता है कि उसे भी बाहर ले जाया जाएगा और सभी ऐशो-आराम भी दिए जाएंगे. कुल मिलाकर गाने में यही जुगल बंदी दिखाई गई है. एक तरफ गाना चल रहा है और उसके साथ साथ रैप के साथ गाना आगे बढ़ता है. रैप और म्यूजिक के मामले में काम बेहतरीन लग रहा है. अब बात करें एक समय के पॉपुलर गुलाबी शरारा की तो इसे यूट्यूब पर 359 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं.

Featured Video Of The Day
चढ़ावा चोरी और अजय राय की हाउस अरेस्ट पर क्या बोले यूपी कांग्रेस के प्रभारी?
Topics mentioned in this article
Uttarakhand Folk Song
Swami Pardesh Song
Entertainment
Bollywood