हीरो बनना चाहता था फोटो में नजर आ रहा ये बच्चा, पापा थे मशूहर विलेन, आखिरकार तकदीर ने बना डाला लोटिया पठान

फोटो में नजर आ रहे इस लड़के का ख्वाब हीरो बनना था. लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. कुछ फिल्मों में यह हीरो तो बना लेकिन जब ये लोटिया पठान बना तो पूरा गेम ही बदल गया.

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हीरो बनना चाहता था ये बच्चा लेकिन बन गया परदे का लोटिया पठान
नई दिल्ली:

बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हैं जिनके सपने कुछ और थे, लेकिन तकदीर उन्हें एक अलग ही राह पर ले गई. ऐसा ही एक नाम किरण कुमार का है, जिन्हें 1988 की सुपरहिट फिल्म तेजाब में ‘लोटिया पठान' के किरदार से जबरदस्त पहचान मिली. लेकिन वो कभी कभी हीरो बनने के ख्वाब देखते थे. लेकिन आखिर में उन्हें अपने के नक्शेकदम पर चलकर बॉलीवुड का दिग्गज विलेन बनने का मौका मिला. जब ये विलेन के किरदार में आया तो इसने सबके पसीने ही छुटाकर रख दिए. क्या आप जानते हैं इसका नाम? (लोटिया पठान का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें)

किरण कुमार का जन्म 20 अक्टूबर 1953 को मुंबई में हुआ. उनके पिता जीवन हिंदी सिनेमा के मशहूर कैरेक्टर आर्टिस्ट और विलेन थे. बचपन से फिल्मी माहौल में पले-बढ़े किरण ने एक्टिंग को ही अपना करियर चुना. पिता चाहते थे कि बेटा हिंदी सिनेमा में हीरो बने, लेकिन किस्मत ने कुछ और लिखा था. किरण ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से एक्टिंग की बारीकियां सीखीं. उनकी बतौर हीरो पहली फिल्म दो बूंद पानी (1971) थी.

किरण कुमार को लीड एक्टर के तौर पर 1970 के दशक में ज्यादा सफलता नहीं मिली. 1987 में खुदगर्ज में विलेन का किरदार निभाने के बाद उनके करियर ने नई उड़ान भरी. इसके बाद तेजाब में लोटिया पठान का रोल उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ. इस फिल्म में अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित के साथ उनकी दमदार मौजूदगी ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया. लोटिया पठान का उन्होंने ऐसा निगेटिव किरदार निभाया कि सिनेमा के इतिहास में दर्ज हो गया. खुदा गवाह, हिना, धड़कन, और एलओसी कारगिल जैसी फिल्मों में काम किया. किरण कुमार की आखिरी बड़ी रिलीज खेल खेल में फिल्म है. 

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