तरुण खन्ना ने भगवान शिव के किरदार को इतनी बार निभाया है कि अब यह भूमिका उन्हें एक इंसान के रूप में पूरी तरह बदल चुकी है. तरुण खन्ना ने बताया कि उन्होंने 400 से ज्यादा बार महादेव का रोल किया है और इस अनुभव से उनकी जिंदगी में गजब का बदलाव आया. इससे न केवल उनके अंदर धैर्य बढ़ा बल्कि उनकी दबी विनम्रता भी वापस आ गई है. तरुण खन्ना ‘कर्म फल दाता शनि', ‘राधा कृष्ण', ‘जय कन्हैया लाल की', ‘देवी आदि पराशक्ति', ‘संतोषी मां' और ‘परम अवतार श्री कृष्ण' जैसे कई पौराणिक शो में महादेव का किरदार निभा चुके हैं. इसके अलावा, तेलुगु फिल्म ‘अखंडा 2' और हाल ही में थिएटर नाटक ‘हमारे राम' में भी उन्होंने महादेव का रोल किया है.
440 से ज्यादा बार निभाया महादेव का किरदार
तरुण खन्ना ने बताया, “मैंने स्टेज पर 440 से ज्यादा बार महादेव का किरदार निभाया है. इस किरदार ने मुझे एक इंसान के तौर पर बदल दिया है. मेरा सब्र का स्तर बहुत बढ़ गया है और जो विनम्रता कहीं दब गई थी, वह वापस आ गई है. हर नए मौके पर यह अनुभव और बेहतर होता जा रहा है. मैं शुक्रगुजार हूं कि एक अभिनेता होने के नाते मैं इतने सारे लोगों के दिलों को छू पा रहा हूं.”
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शिव तांडव एक बार में करते हैं तरुण खन्ना
तरुण खन्ना ने बताया कि हर वीकेंड पर नाटक ‘हमारे राम' के शो होते हैं, कभी-कभी हफ्ते में दो बार भी. उन्होंने कहा, “शो शुरू होने के बाद तैयारी के लिए समय नहीं बचता. मैं स्टेज पर जाने वाला पहला व्यक्ति होता हूं और पूरा शिव तांडव एक बार में करता हूं. अगर दो शो होते हैं तो दिन में दो बार तांडव करता हूं, कभी-कभी 5-6 बार से भी ज्यादा हो सकता है.”
भगवान शिव के रोल में छाए एक्टर
महादेव का किरदार निभाने में चुनौतियों के बारे में बात करते हुए तरुण खन्ना ने कहा कि हर बार परफॉर्मेंस से पहले उन्हें बहुत घबराहट होती है. मेरी पूरी टीम जानती है कि मैं नर्वस होता हूं. भगवान शिव की गरिमा और तेज को बिना किसी कमी के दिखाना सबसे बड़ी चुनौती है. अगर परफॉर्मेंस में छोटी सी गलती भी हो जाए तो भगवान की छवि पर असर पड़ सकता है, जो मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता.
टीवी और स्टेज का बताया अंतर
उन्होंने स्टेज और टेलीविजन के बीच अंतर भी बताया. तरुण खन्ना के अनुसार, टीवी पर 12 घंटे की शिफ्ट में कॉस्ट्यूम और विग पहने रहना मुश्किल होता है, जबकि स्टेज पर एक ही टेक में 2000 से ज्यादा दर्शकों के सामने परफॉर्म करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि स्टेज पर परफॉर्म करना उन्हें ज्यादा संतोषजनक लगता है. एक्टर ने पब्लिक इमेज पर भी बात की और कहा कि अभिनेताओं की इमेज हमेशा लोगों की नजर में रहती है, इसलिए उन्हें सोच-समझकर बोलना और बर्ताव करना चाहिए ताकि कोई गलत मिसाल न बन जाए.
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