धर्मेंद्र की मौत के बाद कैसा था घर के अंदर का माहौल? जानें हेमा मालिनी क्यों नहीं गईं देओल परिवार की प्रार्थना सभा में

मशहूर थिएटर मालिक मनोज देसाई ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट को लेकर कुछ ऐसी बातें बताईं, जिन्होंने सबका ध्यान खींच लिया. मनोज देसाई ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कई बड़े कलाकारों की प्रार्थना सभाएं देखी हैं, लेकिन धर्मेंद्र की सभा बिल्कुल अलग थी.

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धर्मेंद्र के निधन के बाद कैसा था घर का माहौल, मनोज देसाई ने बताया
नई दिल्ली:

धर्मेंद्र के जाने के बाद देशभर में शोक की लहर फैल गई. बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि आम लोगों के दिलों में भी एक गहरी खालीपन की भावना देखने को मिली. ऐसे महान अभिनेता के अंतिम संस्कार और प्रार्थना सभा में हर कोई शामिल होना चाहता था. इसी बीच मशहूर थिएटर मालिक मनोज देसाई ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट को लेकर कुछ ऐसी बातें बताईं, जिन्होंने सबका ध्यान खींच लिया. मनोज देसाई ने पत्रकार विक्की लालवानी से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कई बड़े कलाकारों की प्रार्थना सभाएं देखी हैं, लेकिन धर्मेंद्र की सभा बिल्कुल अलग थी. उनके मुताबिक, वहां भीड़ इतनी ज्यादा थी कि संभालना मुश्किल हो रहा था. हर तरफ गाड़ियां ही गाड़ियां थीं और आम लोगों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्तियां तक मौजूद थीं.

सनी देओल से मिलने के लिए करना पड़ा इंतजार 

उन्होंने बताया कि वह खुद भी लंबी लाइन में खड़े थे. उनकी गाड़ी काफी पीछे खड़ी थी और सनी देओल से मिलने के लिए उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. जब आखिरकार मुलाकात हुई, तो सनी देओल बेहद शांत और गंभीर नजर आए. मनोज देसाई ने सनी से कहा कि लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है, इसलिए वह दूसरे गेट से निकलेंगे. सनी देओल ने बस धन्यवाद कहा और दोबारा अंदर चले गए. बाहर निकलने के बाद मनोज को अपनी ही गाड़ी तक पहुंचने में करीब 45 मिनट लग गए.

अंतिम विदाई देने मानो पूरा देश आया

मनोज देसाई का कहना है कि उन्होंने राजेश खन्ना, यश चोपड़ा जैसे दिग्गजों की प्रार्थना सभाओं में भी शिरकत की है, लेकिन धर्मेंद्र की सभा जैसी भीड़ उन्होंने पहले कभी नहीं देखी. ऐसा लग रहा था जैसे पूरा देश उन्हें अंतिम विदाई देने आ गया हो. हर कोई नम आंखों से बस एक झलक पाना चाहता था.

इस वजह से नहीं गईं हेमा मालिनी

बात जब हेमा मालिनी की आती है, तो मनोज देसाई ने साफ कहा कि उन्हें उनके न आने पर कोई हैरानी नहीं हुई. उनके अनुसार, पहले से ही यह तय था कि वह अलग जगह पर प्रार्थना सभा रखेंगी. मनोज का मानना है कि अगर वह वहां आतीं और किसी तरह की बात या विवाद हो जाता, तो माहौल बिगड़ सकता था. ऐसे में उनका अलग रहना ही बेहतर फैसला था. कुल मिलाकर, धर्मेंद्र की प्रेयर मीट सिर्फ एक रस्म नहीं थी, बल्कि यह उनके लिए देशभर के प्यार और सम्मान का सबसे बड़ा सबूत बन गई.

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