दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे एक बड़े पारिवारिक विवाद में सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. उन्होंने इस लड़ाई को "बहुत दर्दनाक" बताया है. यह विवाद परिवार की पुरानी विरासत और संपत्ति को लेकर है, जिसमें आरके फैमिली ट्रस्ट मुख्य मुद्दा बन गया है. रानी कपूर ने कहा है कि संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर उनका सबक कुछ हड़पना चाहती है. इसके अलावा रानी ने प्रिया पर एक बार फिर से कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
प्रिया कपूर पर कब्जा करने के आरोप
रानी कपूर का कहना है कि उन्होंने और उनके पति डॉ. सुरिंदर कपूर ने कई दशकों की मेहनत से यह साम्राज्य खड़ा किया. परिवार मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हुआ था. रानी जी ने खुद घर बसाने में हाथ बंटाया. उन्होंने कहा, "हमने पेड़ के नीचे बैठकर घर बनाया. यह सब मेरे पति की मेहनत का नतीजा है." संजय कपूर की मौत के बाद स्थिति बदल गई. रानी कपूर आरोप लगाती हैं कि उनकी बहू प्रिया कपूर ट्रस्ट और परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने प्रिया को "कुछ साल पहले परिवार में आई" बताते हुए कहा कि इतनी जल्दी सब कुछ ले लेना सही नहीं है.
प्रिया को ट्रस्टी के पद से हटाने का नोटिस
रानी कपूर ने दावा किया कि ट्रस्ट उनके बिना बताए बनाया गया और उसमें उनके हस्ताक्षर जाली हो सकते हैं. उन्होंने ट्रस्ट को चुनौती दी है और प्रिया को ट्रस्टी के पद से हटाने का नोटिस भी जारी किया. रानी कपूर ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत तकलीफदेह है. मेरे पति ने ट्रस्ट बनाकर सब कुछ मुझे सौंपा था. कोई भी 40 साल की मेहनत छीन नहीं सकता." उन्होंने बताया कि बेटे की मौत के बाद वे दिल्ली के परिवार वाले घर नहीं लौटीं. उन्होंने कहा, "मुझे डर लगता है कि अब क्या होगा,".
ट्रस्ट रद्द करने की मांग
उनके वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने भी कहा कि परिवार शांति चाहता है, लेकिन एक तरफ सब कुछ कंट्रोल कर रही है तो दूसरी तरफ कुछ नहीं बचा. रानी कपूर ने कोर्ट में ट्रस्ट रद्द करने की मांग की है. वे कहती हैं कि ट्रस्ट बनाने में उनकी सहमति नहीं थी और फैसले उनके बिना नहीं हो सकते. यह मामला सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि परिवार की भावनाओं और पुरानी विरासत का है. रानी कपूर ने साफ कहा कि वे इस लड़ाई को विरासत बचाने के लिए लड़ रही हैं, जो उनके पति और उन्होंने मिलकर बनाई. अभी मामला दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है. दोनों पक्षों के बीच कोई सुलह की बातचीत नहीं हुई है.