बॉलीवुड में आज खुद की पहचान बना चुकी जाह्नवी कपूर को इस दौर की टॉप एक्ट्रेसेस में गिना जाता है. हालांकि प्रोफेशनल लाइफ में भले ही वह आसमान छू रही हों पर्सनल लाइफ में उन्होंने इमोशनल ट्रॉमा झेला है. डेब्यू फिल्म आने के वक्त ही जाह्नवी की मां श्रीदेवी का निधन हो गया और एक्ट्रेस की जिंदगी में सबकुछ बदल गया. जाह्नवी आज भी उस गम से निकल नहीं पाई हैं. हाल में उन्होंने अपनी मां श्रीदेवी के बारे में कई ऐसे बाती कहीं जो उन्हें हमेशा से दुख पहुंचाती रही है. राज शमानी के यूट्यूब चैनल पर हाल ही में हुई एक बातचीत में, जाह्नवी कपूर ने याद किया कि कैसे लोगों ने उनकी मां को "घर तोड़ने वाली" (homewrecker) कहा था, उनके पारिवारिक रिश्तों पर लगातार होती रही सार्वजनिक टीका-टिप्पणी होती रही है. एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि मां के जाने के बाद 8 साल कैसे रहे.
'लोगों ने श्रीदेवी को घर तोड़ने वाली कहा'
अपनी मां के संघर्ष भरे दिनों को याद करते हुए जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी ने अपने बच्चों से कभी भी अपने मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात नहीं की. इसके बजाय, वह हमेशा खुशी भरी कहानियां सुनाती थीं, भले ही दुनिया ने हमेशा उनके साथ अच्छा बर्ताव न किया हो.जाह्नवी ने कहा, ‘मैंने वह सफर देखा है. जब वह हमारे बीच थीं, तब लोग उनके प्रति अच्छे नहीं थे. उन्होंने उन्हें घर तोड़ने वाली और न जाने क्या-क्या बुरा-भला कहा. इन बातों का उनके मन पर गहरा असर पड़ा और उन्हें काफी बुरा महसूस हुआ.'
जब जाह्नवी से पूछा गया कि अगर उन्हें अपनी मां से कुछ कहने का मौका मिले, तो वह क्या कहेंगी? इस पर जाह्नवी ने कहा, "अब मैं उन्हें बेहतर समझती हूं और मुझे इस बात का अफसोस है कि पहले मैं उन्हें ठीक से समझ नहीं पाई. वह चीजों को बिल्कुल अलग नजरिए से देखती थीं, जबकि बचपन में मैं उन्हें बिल्कुल अलग नजरिए से देखती थी—चाहे वह प्रोफेशनल लाइफ हो, आर्थिक हालात हों या कोई और बात. उन्होंने महज चार साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन उन्होंने अपने संघर्षों की कोई भी कहानी हमसे कभी साझा नहीं की. वह हमेशा सिर्फ खुशी भरी कहानियां ही सुनाती थीं."
बता दें कि बोनी कपूर ने श्रीदेवी को सबसे पहले 70 के दशक के आखिर में एक तमिल फिल्म में देखा था. उस समय बोनी की शादी मोना कपूर से हो चुकी थी और वह दो बच्चों—अर्जुन और अंशुला—के पिता थे.
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एक डिपेंडेंट बेटी थीं जाह्नवी
जाह्नवी ने कहा कि, "मैं एक बहुत ही निर्भर बेटी थी. मैं अपने फैसले खुद नहीं लेती थी. मैं इसके लिए उन पर निर्भर रहती थी. मुझे क्या पहनना चाहिए? मुझे क्या सोचना चाहिए? क्या सही है और क्या गलत? सब कुछ. इसलिए अचानक, जब पूरी दुनिया आपको तोड़ रही हो, आपके परिवार के रिश्तों पर आरोप लगा रही हो, ऐसे में अपने फैसले खुद लेना सीखना होता है." साथ ही जाह्नवी ने ये भी बताया कि उस समय उन्होंने कुछ गलत लोगों को अपनी जिंदगी में शामिल भी कर लिया था, जिसकी वजह से उनकी मेंटर हेल्थ पर भी असर पड़ा था.
पिता भी बदल गए
अपने पिता के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं अपनी मां को खोने के दर्द से उबर नहीं पा रही हूं. उनके जैसा कोई नहीं है. मुझे उनकी मजाकिया बातों की बहुत याद आती है. मुझे इस बात की याद आती है कि उन्होंने मुझे, मेरी बहन और मेरे पिता को कैसा इंसान बनाया था. मैंने सिर्फ मां को नहीं खोया, मैंने उस दिन अपने पिता को भी खो दिया. उनका वह रूप जो तब मौजूद था जब वह (मां) आस-पास थीं."