बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में दी हैं, जिनके गाने समय बीतने के बाद भी लोगों की जुबान पर बने हुए हैं. उनकी फिल्मों का संगीत हमेशा दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाता रहा है. ‘दिल से' का ‘छैंया-छैंया', ‘ओम शांति ओम' का ‘दर्द-ए-डिस्को' और ‘कुछ कुछ होता है' के रोमांटिक ट्रैक आज भी उतने ही पसंद किए जाते हैं. इसी सूची में फिल्म ‘परदेस' का मशहूर गीत ‘ये दिल दीवाना' भी शामिल है. इस गाने ने रिलीज के साथ ही धूम मचा दी थी और आज भी इसे सोनू निगम के बेहतरीन गीतों में गिना जाता है.
हालांकि इस सुपरहिट गाने से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प राज है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. हैरानी की बात यह है कि गाने के अधिकांश हिस्से में स्क्रीन पर दिखाई देने वाले शाहरुख खान वास्तव में उनके डुप्लीकेट थे. इतना ही नहीं, शाहरुख को यह गाना पहली बार में पसंद भी नहीं आया था.
जब डुप्लीकेट बना शाहरुख खान का सहारा
साल 1997 में रिलीज हुई सुभाष घई निर्देशित फिल्म ‘परदेस' उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में शामिल रही. फिल्म में शाहरुख खान और महिमा चौधरी की जोड़ी को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया. इसके गाने भी जबरदस्त हिट साबित हुए, लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘ये दिल दीवाना' को मिली. इस गीत को सोनू निगम ने अपनी दमदार आवाज दी थी और यह आज भी उनकी सबसे यादगार परफॉर्मेंस में गिना जाता है.
दिलचस्प बात यह है कि इस गाने की पूरी शूटिंग शाहरुख खान ने नहीं की थी. फिल्म में उनके सिर्फ क्लोजअप शॉट्स फिल्माए गए थे, जबकि बाकी लंबे और दूर के दृश्य उनके बॉडी डबल के साथ शूट किए गए. स्क्रीन पर यह फर्क शायद ही किसी दर्शक को महसूस हुआ, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी काफी अलग थी.
गौरी खान की वजह से बीच में छोड़नी पड़ी थी शूटिंग
इस किस्से का खुलासा खुद निर्देशक सुभाष घई ने एक इंटरव्यू में किया था. उन्होंने बताया था कि फिल्म का संगीत बहुत कम समय में तैयार किया गया और ‘ये दिल दीवाना' की शूटिंग के लिए उनके पास सिर्फ दो दिन का समय बचा था. उसी दौरान शाहरुख खान को अचानक दिल्ली जाना पड़ा क्योंकि उनकी पत्नी गौरी खान उस समय प्रेग्नेंट थीं और अभिनेता उनके साथ रहना चाहते थे. ऐसे में इस गाने की शूटिंग एयरपोर्ट जाते-जाते हुई थी.
समय की कमी को देखते हुए सुभाष घई ने शूटिंग का तरीका बदल दिया. उन्होंने शाहरुख खान से केवल तीन-चार क्लोजअप शॉट फिल्माए, जिन्हें महज कुछ घंटों में पूरा कर लिया गया. इसके बाद गाने के सभी लॉन्ग शॉट्स और अलग-अलग लोकेशन वाले दृश्य उनके डुप्लीकेट के साथ शूट किए गए. यही वजह है कि आज भी करोड़ों लोग इस गीत को देखते हैं, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं होता कि पूरे गाने में शाह रुख खान हर फ्रेम में मौजूद नहीं थे. यही दिलचस्प किस्सा इस सदाबहार गाने को बॉलीवुड की यादगार ट्रिविया का हिस्सा बना देता है.