स्मिता पाटिल की करीबी दोस्त ने उनके आखिरी पलों के बारे में बात की और बताया कि उस समय वो किस हाल में थीं. बॉलीवुड की इस प्रतिभाशाली अभिनेत्री स्मिता पाटिल मात्र 31 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गई थीं. उनके निधन के पीछे प्रेग्नेंसी के बाद की कॉम्पलिकेशन बताई जाती हैं. 28 नवंबर 1986 को उन्होंने राज बब्बर के साथ बेटे प्रतीक का स्वागत किया और कुछ हफ्तों बाद 13 दिसंबर को वे हमेशा के लिए चली गईं. स्मिता पालिट की खास दोस्त और फिल्मकार अरुणा राजे ने हाल ही में स्मिता के अंतिम दिनों और निजी जीवन के उन पहलुओं को याद किया जो पहले कम चर्चा में रहे. अरुणा ने बताया कि स्मिता का अंतिम समय बेहद अकेलेपन भरा था. राज बब्बर से उनके रिश्ते की वजह से परिवार और कई दोस्त उनसे किनारा कर चुके थे.
स्मिता पाटिल की मां ने की उनके बच्चे की देखभाल
अरुणा राजे ने एक साक्षात्कार में बताया, “जब मुझे उनकी गंभीर हालत की खबर मिली, तो मैं तुरंत जसलोक अस्पताल पहुंच गई. वहां जो हालत मैंने देखी, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. मैं समझ गई थी कि वे अब हमें छोड़कर जा रही हैं. उनकी मां पूरी तरह टूट चुकी थीं, लेकिन नवजात बेटे प्रतीक के लिए उन्हें खुद को संभालना पड़ रहा था.”
प्रेग्नेंसी में भी रखा करवाचौथ का व्रत
स्मिता की मां ने बाद में अरुणा को कुछ लेटर और नोट्स सौंपे. उन लेटर्स को पढ़कर अरुणा को स्मिता की वो इमोशनल साइड पता चली जो आमतौर पर पर्सनल रहती थी. स्मिता राज बब्बर से बेहद गहरे प्रेम में थीं. लगभग जुनून की हद तक. सात महीने की प्रेग्नेंट होने के बावजूद उन्होंने राज के लिए करवा चौथ का व्रत रखा, जबकि डॉक्टरों ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी.
अरुणा राजे ने आगे बताया कि इस रिश्ते ने स्मिता को धीरे-धीरे अलग-थलग कर दिया. “वे खुद अपना रास्ता चुन चुकी थीं. नतीजतन उनके आसपास के कई लोग उनसे दूर हो गए. मैं शायद आखिरी लोगों में से एक थी जिससे वे रेगुलर कॉन्टैक्ट में रहीं. वे अपने जीवन के कठिन और दर्द भरे अनुभव मुझे ही बताती थीं.”
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उस समय राज बब्बर पहले से ही नादिरा बब्बर से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे. बाद में स्मिता के साथ उनका विवाह हुआ और प्रतीक का जन्म हुआ, लेकिन स्मिता के निधन के कुछ समय बाद राज ने नादिरा से फिर से सुलह कर ली.
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