हिंदी सिनेमा की दिग्गज अदाकारा स्मिता पाटिल को लेकर एक इमोशनल कर देने वाला किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है. हाल ही में उनके मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने एक इंटरव्यू में उनकी आखिरी ख्वाहिश का जिक्र किया. दीपक सावंत ने बताया कि स्मिता पाटिल अक्सर कहा करती थीं, “मुझे सुहागन बनाकर ही विदा करना”. वह यह बात अपनी मां से भी कहती थीं, हालांकि परिवार वाले उन्हें ऐसी बातें कहने से मना करते थे, लेकिन शायद उन्हें अपनी जिंदगी के अंत का अंदाजा पहले ही हो गया था.
अमिताभ बच्चन के सामने पूरी हुई इच्छा
स्मिता पाटिल का निधन 13 दिसंबर 1986 को सिर्फ 31 साल की उम्र में हो गया था. उनके निधन के बाद एक बेहद भावुक पल आया, जब उनकी आखिरी इच्छा को पूरा करने की जिम्मेदारी दीपक सावंत को मिली. उन्होंने बताया कि उस समय अमिताभ बच्चन समेत कई लोग वहां मौजूद थे. उनकी मां ने मेकअप किट देते हुए कहा कि स्मिता की इच्छा थी कि उन्हें सुहागन की तरह विदा किया जाए.
दीपक सावंत ने भावुक होते हुए बताया कि वह मेकअप करते वक्त रो रहे थे, लेकिन उन्होंने पूरी कोशिश की कि स्मिता पाटिल अपने आखिरी सफर में बेहद खूबसूरत नजर आएं, यह पल वहां मौजूद हर शख्स के लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया.
छोटा करियर, लेकिन बड़ी विरासत
स्मिता पाटिल का फिल्मी करियर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनका योगदान बेहद बड़ा था. उन्होंने अर्थ, मंडी और अर्ध सत्य जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से खास पहचान बनाई. वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि समानांतर सिनेमा की मजबूत आवाज भी थीं. अपने करियर में उन्होंने 80 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और दो नेशनल अवॉर्ड भी जीते. 1985 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया.
स्मिता पाटिल की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही. उन्होंने राज बब्बर से शादी की थी और उनके बेटे प्रतीक बब्बर आज बॉलीवुड में सक्रिय हैं. कम उम्र में दुनिया को अलविदा कहने के बावजूद स्मिता पाटिल आज भी अपने काम और संवेदनशील अभिनय के लिए याद की जाती हैं.