जब नन्ही Shefali Shah को पता चला 'सांता' का सच, टूट गया था दिल! अब बच्चों के लिए खुद बनती है सांता

अभिनेत्री शेफाली शाह ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं. इसके साथ उन्होंने याद किया जब वे छोटी थीं, तो क्रिसमस के मौके पर उनके घर एक रिश्तेदार आए और कहा, "तुम सच में सांता को मानती हो? कोई सांता नहीं होता है, असल में तुम्हारे मम्मी-पापा ही गिफ्ट्स देते हैं."

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"मेरे अंदर का बच्चा भी कहीं न कहीं खो गया था, लेकिन जब मेरे बच्चे हुए, तो कहानियों, कल्पनाओं और जादुई दुनिया लौट आई.''

Shefali Shah Christmas Post : क्रिसमस को लेकर चारों तरफ उत्साह का माहौल है. इसकी धूम हर जगह देखने को मिल रही है. हर कोई इसे सेलिब्रेट करने के लिए उत्साहित नजर आ रहा है. इसी कड़ी में अभिनेत्री शेफाली शाह ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए क्रिसमस की यादें ताजा की. अभिनेत्री ने बताया कि कैसे एक बार क्रिसमस उनके लिए जादू और मासूमियत खोने के दिन में तब्दील हो गया था. अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं. इसके साथ उन्होंने याद किया जब वे छोटी थीं, तो क्रिसमस के मौके पर उनके घर एक रिश्तेदार आए और कहा, "तुम सच में सांता को मानती हो? कोई सांता नहीं होता है, असल में तुम्हारे मम्मी-पापा ही गिफ्ट्स देते हैं."

अभिनेत्री ने बताया कि ये बात सुनकर मेरा दिल टूट गया और ऐसा लगा जैसे कोई मेरे सपनों भरे गुब्बारों में सुई चुभो रहा हो. वे उनसे बहस करने लगीं और खुद को भी यकीन दिलाने लगीं कि सांता सच में होता है.

उन्होंने लिखा, "उस पल मुझे बहुत दुख हुआ और समझ में नहीं आ रहा था कि यह भावना कैसे बयां करूं और बाद में मुझे इस बात का एहसास हुआ कि मुझे तो अपने माता-पिता की सराहना करनी चाहिए थी, जिन्होंने अपनी सीमित आमदनी के बावजूद मुझे खुश करने के लिए ज्यादा खर्च किया था, लेकिन उस समय तो मुझे लगा था कि जैसे मुझे धोखा दिया गया हो.''

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अभिनेत्री ने आगे लिखा, "एक बार विश्वास टूट जाए, तो उसे दोबारा जोड़ना बहुत कठिन होता है, खासकर जब सांता खुद आकर न कहे कि वह असली है."

शेफाली ने बताया कि उस घटना के बाद उनके अंदर का बच्चा भी खो गया था. उन्होंने लिखा, "मेरे अंदर का बच्चा भी कहीं न कहीं खो गया था, लेकिन जब मेरे बच्चे हुए, तो कहानियों, कल्पनाओं और जादुई दुनिया लौट आई. अब मैं खुद सांता बनकर बच्चों के लिए वह मासूमियत और उम्मीदें जिंदा करती हूं और कोशिश करती हूं कि अपने बच्चों के लिए यह जादुई दुनिया जितना हो सके, उतने समय तक बनी रहे.''

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