शत्रुघ्न सिन्हा की इजाजत बिना अब कोई नहीं कह सकेगा 'खामोश', एक्टर बोले- मेरे नाम से जो प्रॉफिट कमाया वो भी दो

याचिका में कहा गया है कि एक जाने-माने एक्टर होने के नाते, जिन्होंने कई सिनेमैटोग्राफ फिल्मों और पब्लिक और प्राइवेट इवेंट्स में काम किया है, सिन्हा को अपनी परफॉर्मेंस पर नैतिक अधिकार हैं.

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शत्रुघ्न सिन्हा ने पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
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नई दिल्ली:

एक्टर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्जी देकर अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके नाम, इमेज और फिल्म कालीचरण के मशहूर डायलॉग 'खामोश' का बड़े पैमाने पर ऑनलाइन गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा के जरिए फाइल किए गए इस केस में अनजान पार्टियों के साथ-साथ मेटा, X, गूगल, कई ई-कॉमर्स वेबसाइट, ब्लॉगर, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और यूनियन डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स जैसे ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और इंटरमीडियरी का नाम लिया गया है.

सिन्हा ने डिफेंडेंट्स को उनकी इजाजत के बिना उनके नाम, आवाज, हाव-भाव, सिग्नेचर कैचफ्रेज 'खामोश', फोटो, लाइकनेस, सिग्नेचर और पूरी पर्सनैलिटी का किसी भी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल करने से रोकने के लिए एक परमानेंट इंजंक्शन मांगा है. उन्होंने 20 करोड़ रुपये के डैमेज या इसके बजाय, ऐसे कथित अनऑथराइज्ड इस्तेमाल से कमाए गए प्रॉफिट के पेमेंट के लिए भी कहा है.

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याचिका में कहा गया है कि एक जाने-माने एक्टर होने के नाते, जिन्होंने कई सिनेमैटोग्राफ फिल्मों और पब्लिक और प्राइवेट इवेंट्स में काम किया है, सिन्हा को अपनी परफॉर्मेंस पर नैतिक अधिकार हैं. इसमें कहा गया है कि उन्हें तीसरे पक्ष को अपनी परफॉर्मेंस को इस तरह से बिगाड़ने, खराब करने या बदलने से रोकने का अधिकार है जिससे उनकी रेप्युटेशन को नुकसान हो.

केस के मुताबिक डिफेंडेंट्स ने ग्राफिक इंटरचेंज फॉर्मेट (GIFs) बनाने और सर्कुलेट करने के लिए उनकी परफॉर्मेंस की वीडियो रिकॉर्डिंग में बदलाव किया है. उन्होंने दावा किया कि ये उन्हें बताए बिना या उनकी सहमति लिए बिना बनाए और फैलाए गए थे.

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याचिका में कहा गया है, "मौजूदा कार्रवाई में दावों के संदर्भ में, डिफेंडेंट्स ग्राफिक इंटरचेंज फॉर्मेट (GIFs) बनाने/कम्युनिकेट करने के मकसद से उनकी परफॉर्मेंस की वीडियो रिकॉर्डिंग को खराब कर रहे हैं, खराब कर रहे हैं और/या दूसरे बदलाव कर रहे हैं. ऐसे GIFs बनाने और फैलाने से पहले न तो बताया गया है, न ही उनकी सहमति ली गई है और न ही इजाजत ली गई है."

सोमवार 16 फरवरी को जस्टिस शर्मिला देशमुख ने इस मामले की सुनवाई की, जिन्होंने सिन्हा की अंतरिम अर्जी पर ऑर्डर सुरक्षित रखा, जिसमें 24 रेस्पोंडेंट्स के खिलाफ रोक लगाने का ऑर्डर मांगा गया था. अंतरिम अर्जी में कोर्ट से रिक्वेस्ट की गई थी कि बिना इजाजत के कमर्शियल या पर्सनल फायदे के लिए उनकी पर्सनैलिटी या पब्लिसिटी राइट्स के किसी भी डायरेक्ट या इनडायरेक्ट इस्तेमाल या एक्सप्लॉइटेशन पर रोक लगाई जाए.

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हाल ही में, अभिषेक बच्चन, उनकी पत्नी ऐश्वर्या, सलमान खान, नागार्जुन और विवेक ओबेरॉय समेत कई बॉलीवुड एक्टर्स ने सेलिब्रिटी आइडेंटिटी के बिना इजाजत कमर्शियल इस्तेमाल के खिलाफ अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

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