शत्रुघ्न सिन्हा की विदेश में जा सकती थी जान, आजतक नहीं भूले एक्टर, बोले- मैं अपनी मौत का इंतजार कर रहा था

Shatrughan Sinha : शत्रुघ्न सिन्हा ने याद किया कि जब वह न्यूयॉर्क में थे तो उन्होंने डेथ एक्सपीरियंस फील किया था. उन्हें लगा कि वह मर जाएंगे. 

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शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया जा सकती थी जब जान
नई दिल्ली:

दिग्गज सुपरस्टार शत्रुघ्न सिन्हा ने पांच दशकों से दर्शकों को एंटरटेन किया है. उन्होंने काला पत्थर, दोस्ताना और नसीब जैसी फिल्मों में काम किया. वहीं उनके फेमस डायलॉग खामोश इतना पॉपुलर हुआ कि उन्हें शॉटगन सिन्हा के नाम से जाना जाने लगा. जबकि धर्मेंद्र के साथ 1983 में पंजाबी हिट फिल्म पुत्त जट्टन दा में नजर आए और रीजनल सिनेमा में भी अपनी पॉपुलैरिटी हासिल की. लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने मौत का एहसास एक्सपीरियंस किया, जिसका खुलासा उन्होंने हाल ही में आजतक के साथ बातचीत में किया. 

शत्रुघ्न सिन्हा ने याद किया कि उन्हें डिनर पर बुलाया था और वह लेट हो गए थे. उन्होंने कहा,  “मैं न्यूयॉर्क के रैडिसन होटल में रुका हुआ था. डिनर के बाद, उन्होंने कहा कि वह मुझे वापस छोड़ देगें. उस समय शहर में लूटपाट बहुत ज्यादा होती थी. रात के करीब 1 बज रहे थे, और इलाका पूरा सुनसान था. उन्होंने मुझे रैडिसन होटल से थोड़ा पहले उतार दिया और कहा, ‘वह होटल है, आप यहां से पैदल जा सकते हो.' 

आगे उन्होंने कहा, मैं तैयार हो गया और नीचे उतर गया. मेरे पास सामान से भरा एक शॉपिंग बैग था, जिसमें बेसिकली वह सब कुछ था जिस पर किसी लुटेरे का ध्यान जा सकता था. मैं सड़क पर अकेला था, और चारों तरफ पूरी तरह सन्नाटा था. मैंने नोटिस किया कि एक कार आई. मैं सड़क पर अकेले था और पूरा सन्नाटा था. मेरे दोस्त के जाने के बाद मुझे एहसास हुआ कि यह होटल नहीं है. सभी बिल्डिंग एक जैसी दिख रही थी और मैं बहुत नर्वस हो गया. ”

शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा, मुझे सच में लगा कि यह वो रात है जब कुछ भी बुरा हो सकता है. मैंने सोचा कि यह वो रात हो सकती है जब मैं मारा जा सकता हूं. एक ब्लैक मैन गुजर रहा था और मैंने उनसे पूछा रेडिसन होटल कहां है. उन्होंने कहा, जाओ यहां से. 2 बज रहे थे उस वक्त. कुछ पल बाद अचानक एक कार उनकी तरफ बढी. और मैं एक सुनसान काली सड़क पर अपनी मौत का इंतजार कर रहा था. 

डर से कांपे शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, कार पास में रुकी और मैं डर गया, मैंने सोचा बस यह मेरा अंत है. कार पीछे चली गई. उन्होने पूछा पुत्त जट्टन दे. वहीं उस शख्स ने मुझे वहीं रुकने के लिए कहा, ड्राइवर ने मुझसे पूछा, आप यहां क्या कर रहे हैं? आप की जान जा सकती थी. यह हैरानी है. ड्राइवर ने रेडिया चलाया और 20-25 कार आ गई. वह सभी पंजाब से थे हमेरे सिख भाई. उन्होंने मुझे हर जगह से घेर लिया और कहा कि आप चिंता ना करे. यह बहुत खतरनाक एरिया है. लेकिन हमने आपको पहचान लिया. 

शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि उन्होंने पैसे ऑफर किया था, उन्होंने मना कर दिया और कहा, बिल्कुल नहीं आप हमारे हीरो हैं. आप पुत्त जट्टन दे हैं. मैंने इसके बाद उन्हें कभी नहीं देखा. वहीं एक्टर ने बताया कि धर्मेंद्र के कहने पर वह फिल्म का हिस्सा बने थे. 
 

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