एक नहीं तीन बार बिग बॉस का हिस्सा बनीं एक्ट्रेस, हो गईं इतनी अग्रेसिव की एक साल तक लेनी पड़ी ‘थेरेपी

शमिता शेट्टी ने हाल ही में बिग बॉस को लेकर खुलासा किया और कहा कि शो के बाद वह बहुत अग्रेसिव हो गई थीं, जिसके चलते उन्हें थैरेपी लेनी पड़ी.

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बिग बॉस के बाद शमिता शेट्टी को थैरेपी लेनी पड़ी थी
नई दिल्ली:

एक्ट्रेस शमिता शेट्टी उन कुछ सेलेब्रिटीज में से है, जिन्होंने एक बार नहीं बल्कि दो बार शो बिग बॉस में हिस्सा लिया. वह 2009 में बिग बॉस का हिस्सा बनी थीं, जिसे अमिताभ बच्चन ने होस्ट किया था. हालांकि बहन शिल्पा शेट्टी की शादी के कारण उन्हें शो को बीच में ही छोड़ना पड़ा. इसके बाद वह 2021 में बिग बॉस ओटीटी सीजन का हिस्सा बनीं, जो वूट पर प्रीमियर हुआ था. इसके बाद वह बिग बॉस 15 का भी हिस्सा बनीं और चर्चा में रहीं. लेकिन इसका असर उनकी पर्सनैलिटी पर पड़ा, जिसका खुलासा उन्होंने हाल ही में किया और बताया कि उन्हें बिग बॉस के बाद थैरेपी लेनी पड़ी.

पिंकविला को दिए इंटरव्यू में शमिता शेट्टी ने खुलासा किया कि शो ने उन पर जो इमोशनल बोझ डाला, उसे स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी बार हिस्सा लेने के बाद उन्हें थेरेपी की जरुरत पड़ी थी. एक्ट्रेस ने कहा, "बिग बॉस मेरी जिंदगी में कोविड के दौरान आया, जब बहुत से लोग बिना काम के घर बैठे थे. इसलिए, मैं उस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती थी. और हालात ऐसे थे कि मुझे लगा कि शायद उस घर में जाकर दुनिया को दिखाना ही बेहतर होगा कि मैं रियल में कौन हूं, क्योंकि मैं उस दौर में जज किए जाने से बहुत तंग आ चुकी थी. और बिग बॉस, उस शो ने मुझे बहुत कुछ दिया है. बाहरी दुनिया में, मुझे लगता है कि इसने मेरी अंदरूनी दुनिया में भी मेरा एक बड़ा हिस्सा ले लिया. क्योंकि हां, यह एक ऐसा शो है जो आपके अंदर के अच्छे और बुरे दोनों पहलुओं को सामने लाता है."

शमिता ने आगे कहा, "जब मैं बिग बॉस से बाहर आई, तो मुझे लगता है कि मुझे एक साल तक थेरेपी की जरूरत पड़ी क्योंकि मैं समझ नहीं पा रही थी कि मेरे आस-पास क्या हो रहा है, या सही तरीके से कैसे रिएक्शन दूं." यह बताते हुए कि घर असल दुनिया से कैसे अलग है, उन्होंने कहा, "देखिए, आप जिस माहौल में होते हैं, वह बहुत ही अस्थिर होता है. बाहरी दुनिया में आप इस तरह से रिएक्शन नहीं देते या ऐसे नहीं होते. लेकिन आपको इसकी आदत हो जाती है. जहां तक मेरी बात है, मैं उस घर में लगभग साढ़े पांच, शायद छह महीने तक रही हूं. मेरी हकीकत और कल्पना एक-दूसरे में मिल गए थे, एक-दूसरे में गुंथ गए थे, जिससे मेरे दिमाग में बहुत उलझन पैदा हो रही थी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे रहूं. और मुझे लगता है कि उस घर में मुझ पर इतना हमला हुआ कि जब मैं बाहर आई, तब भी मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं लगातार कवच पहने बैठी हूं, अपनी रक्षा के लिए इंतज़ार कर रही हूं.

शमिता शेट्टी ने कहा, "मेंटली और इमोशनली मेरे लिए यह बहुत मुश्किल था, जब मैं उस घर में थी, और उसके बाहर आने के बाद भी. लेकिन मैं फिर भी यही कहूंगी. उस शो ने बाहरी दुनिया में, खासकर काम के मामले में, मेरे लिए बहुत कुछ किया. मैं बहुत चिंतित होकर बाहर आई थी. मैं पहले से ही चिंता में थी, इसलिए इसने मेरे लिए स्थिति को और भी बदतर बना दिया. बाहर आने पर मैं थोड़ी आक्रामक भी हो गई. और मुझे लगता है कि घर ने मेरे साथ ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं लगातार लड़ रही थी. कल्पना कीजिए, लगभग हर सुबह आप उठें और लोगों को टूथपेस्ट जैसी छोटी और बेकार चीजों के लिए एक-दूसरे पर चिल्लाते हुए देखें. यह कोई अच्छा माहौल नहीं है. यह आपको मानसिक रूप से परेशान करता है. यह आपको सचमुच परेशान करता है."

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