Salim Khan Health News : सलमान खान के पिता जाने-माने स्क्रीनराइटर सलीम खान अस्पताल में भर्ती हैं. ऐसे में सलमान खान की गर्लफ्रेंड एक्ट्रेस सोमी अली को उनके पिता के स्वास्थ को लेकर चिंता सता रही है. उन्होंने कहा कहा कि इस खबर से उनका दिल बैठ गया है. सोमी ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें सलीम खान अपनी पत्नियों सलमा खान और हेलेन के साथ हैं. एक इमोशनल नोट में सोमी ने सलीम को न सिर्फ एक महान लेखक बताया, बल्कि अपनी जिंदगी में एक पिता जैसा भी बताया.
उन्होंने कैप्शन में लिखा, “यह सुनकर कि सलीम खान अस्पताल में भर्ती हैं, मेरा दिल बैठ गया. दुनिया के लिए, वह एक महान लेखक हैं जिन्होंने अमिताभ बच्चन जैसे आइकॉन को बनाने में मदद की और शोले जैसी मास्टरपीस को मिलकर बनाया. मेरे लिए वह एक पिता जैसे थे.” उन्होंने उनके घर में रहने और एक बेटी जैसा प्यार पाने के दिनो को याद किया. उन्होंने लिखा कि उन्हें परिवार की बातचीत और चर्चाओं में शामिल किया जाता था जो अक्सर विश्वास और फिलॉसफी के इर्द-गिर्द घूमती थीं.
सलमान खान की एक्स गर्लफ्रेंड सोमी अली ने कहा कि सलीम खान ने पिता जैसा प्यार दिया
उनके घर में मुझे बेटी जैसा प्यार मिला. वहां आस्था के बारे में बातचीत होती थी, उनके घर में सभी सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है. सोमी ने बताया कि स्पिरिचुअलिटी पर सलीम खान के विचारों ने उन पर गहरा असर डाला.
उन्होंने मुझे सिखाया कि ईश्वर सिद्धांत से बड़े हैं. उनके प्रोफेशनल टैलेंट और पर्सनल ईमानदारी दोनों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “उनके टैलेंट ने सिनेमाई इतिहास बनाया. उनकी ताकत और ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रही हूं. वह मेरे लिए शब्दों से ज़्यादा मायने रखते हैं.”
लीलावती हॉस्पिटल में चल रहा है सलीम खान का इलाज
सलीम खान को 17 फरवरी को मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल ले जाया गया था. उनके बड़े बेटे बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और उनकी बेटियां, अलवीरा खान अग्निहोत्री और अर्पिता खान, उनके एक्टर पति आयुष शर्मा के साथ हॉस्पिटल में देखे गए. सलमान मड आइलैंड में शूटिंग छोड़कर अपने पिता से मिलने गए. खबर है कि सलीम खान ने सूजन की शिकायत की है. सलीम खान ने पिछले साल नवंबर में अपना 90वां जन्मदिन मनाया, जो धर्मेंद्र के निधन के साथ ही हुआ था
उतार-चढ़ाव भरा रहा है सलीम खान का फिल्मी करियर
सलीम खान 1950 के दशक में मुंबई आ गए और शुरुआत में हिंदी सिनेमा में फिल्म एक्स्ट्रा और सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर काम किया. उनका एक्टिंग करियर लिमिटेड था, लेकिन इससे वे स्क्रिप्ट राइटिंग की तरफ बढ़ गए. 1960 के दशक के आखिर में सलीम खान ने जावेद अख्तर के साथ मिलकर सलीम-जावेद बनाई, जो भारतीय सिनेमा की सबसे असरदार स्क्रीनराइटिंग टीमों में से एक थी. 1971 और 1982 के बीच, उन्होंने कमर्शियली सफल और कल्चरली असरदार फिल्मों की एक सीरीज लिखी, जिसमें ‘अंदाज', ‘सीता और गीता', ‘जजीर', ‘यादों की बारात', ‘दीवार', ‘शोले', ‘त्रिशूल', ‘डॉन' और ‘काला पत्थर' शामिल है.