देश के बाद विदेशों में भी सालार का तहलका, अब 2024 में इन देशों में रिलीज होगी प्रभास की फिल्म 

सलार: पार्ट 1: सीजफायर इस गर्मी में जापान में रिलीज के लिए पूरी तरह है तैयार, मेकर्स ने जाहिर की उत्सुकता

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
जापान सहित कई देशों में 2024 की गर्मियों में रिलीज होगी सालार
नई दिल्ली:

प्रशांत नील द्वारा निर्देशित सालार: पार्ट 1: सीजफायर की रफ्तार रुकने का नाम नहीं ले रहीं है. भारत के बॉक्स ऑफिस पर छा जाने के बाद अब यह फिल्म जापान की 2024 की गर्मियों में रूल करने के लिए तैयार है. फिल्म में प्रभास की एक्टिंग से लेकर कहानी तक ने दर्शकों के दिलों में अपनी छाप छोड़ी है. सालार: पार्ट 1: सीजफायर की बड़ी उपलब्धि के बारे में रोमांचक अपडेट को अपने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए, निर्माताओं ने जापानी भाषा में लिखे टाइटल के साथ फिल्म का पोस्टर साझा किया है

मेकर्स ने कैप्शन में लिखा है - "सालार: पार्ट 1 — सीजफायर” #SalaarCeaseFire इस गर्मी में पूरे जापान के सिनेमाघरों में आ रहा है. इसके अलावा, सालार: पार्ट 1: सीजफायर लगातार अलग - अलग अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कब्जा कर रहा है.  वहीं फिल्म ने 650 करोड़ का आंकड़ा पार कर एक बड़ा माइलस्टोन हासिल कर लिया है. दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर, यह 7 मार्च 2024 को लैटिन अमेरिका में अपने स्पेनिश वर्जन की रिलीज के साथ दक्षिण अमेरिका में धूम मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है.

होम्बले फिल्म्स, सलार: पार्ट 1: सीजफायर में प्रभास, पृथ्वीराज सुकुमारन, श्रुति हासन और जगपति बाबू जैसे बड़े स्टार्स हैं.  प्रशांत नील के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण विजय किरागांदुर ने किया है और अब यह सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है.

गौरतलब है कि हाल ही में एक इंटरव्यू में प्रोड्यूसर विजय किरागंदुर सालार 2 के बारे में बात करते नजर आए. इस दौरान उन्होंने कहा, ''सालार 2 की स्क्रिप्ट तैयार है और हम किसी भी वक्त फिल्म शुरू करेंगे. प्रभास इसे जल्द से जल्द फ्लोर पर ले जाना चाहते हैं और प्रशांत भी ऐसा करना चाहते हैं. हम सालार 2 के बारे में बात कर रहे हैं और पिछले 2 से 3 दिनों में हमारी चर्चा अगले 15 महीनों में फिल्म बनाने पर थी. हम निश्चित रूप से सालार 2 को 2025 में रिलीज़ करेंगे, जो अब से लगभग 18 महीने बाद है.''

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Turkman Gate Masjid Bulldozer Action: Delhi में 'हिंसा' योग, सोचा-समझा प्रयोग?