फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता का कोई तय पैमाना नहीं होता है. यहां एक शुक्रवार किसी को आसमान पर पहुंचा देता है तो किसी की सालों की मेहनत मिट्टी में मिला देता है. ऐसी ही उतार-चढ़ाव भरी कहानी है बॉलीवुड के मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला की जिनकी पहली पांच फिल्में लगातार फ्लॉप साबित हुई थीं. उस दौर में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही शख्स एक दिन बॉलीवुड का सबसे अमीर इंसान बनेगा. लेकिन रॉनी ने हार नहीं मानी और अपनी सोच, मेहनत और धैर्य के दम पर वो मुकाम हासिल किया, जहां आज उनका नाम शाहरुख खान से भी आगे लिया जाता है.
पहली फिल्म से लगातार झटके
रॉनी स्क्रूवाला ने साल 1997 में फिल्म 'दिल के झरोखे' में से बतौर प्रोड्यूसर अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में मनीषा कोइराला और मामिक सिंह जैसे कलाकार थे, लेकिन इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई. इसके बाद भी रॉनी की किस्मत नहीं बदली और उनकी एक के बाद एक पांच फिल्में असफल रहीं. खुद रॉनी मानते हैं कि शुरुआती दौर में वो फिल्मों की दुनिया को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे और दूसरों की राह पर चलने की कोशिश कर रहे थे, जो उनके लिए नुकसानदायक साबित हुई.
प्लान बी नहीं था इसलिए हार नहीं मानी
लगातार असफलताओं के बावजूद रॉनी स्क्रूवाला ने पीछे हटने का फैसला नहीं किया. उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा कि उनके पास कोई प्लान बी नहीं था. वो लोवर मिडिल क्लास फैमिली से आते थे और उनके पिता ने साफ कह दिया था कि आर्थिक मदद हमेशा नहीं मिल पाएगी. यही मजबूरी उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बन गई. उन्होंने भीड़ की नकल छोड़कर अपनी सोच पर भरोसा करना शुरू किया और स्क्रिप्ट, कंटेंट और नई कहानियों पर फोकस बढ़ाया.
एक साथ लिए बड़े और जोखिम भरे फैसले
यूटीवी के दौर में रॉनी स्क्रूवाला ने लक्ष्य, स्वदेश और रंग दे बसंती जैसी फिल्में लगभग एक साथ शुरू कीं. उन्हें नहीं पता था कि कौन सी फिल्म चलेगी और कौन सी नहीं. लक्ष्य और स्वदेश बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाईं, लेकिन रंग दे बसंती ने इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला दिया. इसके बाद रॉनी ने आरएसवीपी मूवीज की शुरुआत की और उरी द सर्जिकल स्ट्राइक, लस्ट स्टोरीज, रात अकेली है और सैम बहादुर जैसी फिल्मों से कंटेंट सिनेमा को नई पहचान दी
आज हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के मुताबिक रॉनी स्क्रूवाला की नेट वर्थ करीब 13,314 करोड़ रुपये है. इस मामले में वो शाहरुख खान से भी आगे निकल चुके हैं. फ्लॉप फिल्मों से शुरू हुआ ये सफर आज मिसाल बन चुका है.