‘गुलाम’ में अपनी आवाज डब होने पर दुखी थीं रानी मुखर्जी, 30 साल बाद छलका एक्ट्रेस का दर्द

फिल्मों में रानी मुखर्जी के 30 साल पूरे होने और उनकी आने वाली फिल्म मर्दानी 3 के रिलीज के मौके पर यशराज स्टूडियो में एक खास इवेंट आयोजित किया गया. इस इवेंट में मीडिया के बीच करण जौहर ने अपनी करीबी दोस्त रानी मुखर्जी से बातचीत की.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
30 साल बाद छलका रानी मुखर्जी का दर्द

फिल्मों में रानी मुखर्जी के 30 साल पूरे होने और उनकी आने वाली फिल्म मर्दानी 3 के रिलीज के मौके पर यशराज स्टूडियो में एक खास इवेंट आयोजित किया गया. इस इवेंट में मीडिया के बीच करण जौहर ने अपनी करीबी दोस्त रानी मुखर्जी से बातचीत की. बातचीत के दौरान करण जौहर ने रानी की शुरुआती फिल्म गुलाम का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि उस फिल्म में उनकी असली आवाज की जगह किसी और की आवाज इस्तेमाल की गई थी. इस पर करण ने रानी से सवाल किया कि क्या उस वक्त उन्हें बुरा लगा था.

रानी ने इसके जवाब में कहा कि हां उन्हें इस बात का बुरा लगा था. इसके बाद करण जौहर ने पूछा, "और उस वक्त आपके मन में क्या चल रहा था? आप क्या सोच रही थीं, कैसा महसूस कर रही थीं?". इस पर रानी मुखर्जी ने कहा, "मुझे लगता है, जब आप नए होते हैं, तो आपके पास ज्यादा चॉइस नहीं होती. मेरे लिए तो ये बहुत बड़ी बात थी
कि मुझे आमिर के साथ फिल्म करने का मौका मिला, और आमिर के अपोजिट काम करने का मौका मिला, क्योंकि उस वक्त वो बहुत बड़े सुपरस्टार थे".

रानी ने आगे कहा, "बाद में मुझे विक्रम से ये पता चला कि, जो मेरे डायरेक्टर थे, असल में ये फैसला शायद विक्रम, मुकेश जी और आमिर ने मिलकर लिया था. लेकिन उन्होंने आमिर को 'बैड कॉप' बना दिया". उन्होंने आगे कहा, "मतलब, यूं कहिए". रानी ने बताया, "आमिर ने मुझे समझाया कि फिल्म के लिए हमें कई बार कुछ चीजों की कुर्बानी देनी पड़ती है, फिल्म के भले के लिए. हो सकता है कि आपकी आवाज उस किरदार या रोल के लिए फिट न बैठती हो".

रानी के मुताबिक, "फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि मेरी फेवरेट एक्ट्रेस कौन है. और मैंने बिना सोचे तुरंत कहा- श्रीदेवी". उन्होंने कहा, "फिर उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे श्रीदेवी की आवाज उनकी कई फिल्मों में डब की गई थी, लेकिन इससे उनका स्टार बनना कभी नहीं रुका". रानी ने आगे कहा, "तो उसी लॉजिक के साथ उन्होंने मुझसे कहा- रानी, तुम्हें वही मान लेना चाहिए, जो फिल्म के लिए सबसे अच्छा हो".

रानी ने बताया, "और उन्होंने कहा कि हमें लगता है तुम्हारी आवाज डब होनी चाहिए".उन्होंने माना, "ये मेरे लिए थोड़ा परेशान करने वाला था. मैं अंदर से अपसेट थी". लेकिन रानी ने साफ किया, "लेकिन जाहिर है मैं ये दिखा नहीं सकती थी कि मैं दुखी हूं. क्योंकि जब आप किसी फिल्म का हिस्सा होते हैं तो आपको टीम प्लेयर बनना पड़ता है". रानी के शब्दों में, "मुझे लगता है, एक्टर हों या टेक्नीशियन, हम सबको एक टीम की तरह काम करना चाहिए. अगर कोई हमसे कुछ करने को कहता है, तो हमें वो करने के लिए तैयार रहना चाहिए". उन्होंने आगे कहा, "और भले ही कोई निजी निराशा हो, उससे फर्क नहीं पड़ता जब तक फिल्म के लिए नीयत सही हो". रानी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "तो उन्होंने आगे बढ़कर मेरी आवाज़ डब कर दी".

इस बातचीत में रानी मुखर्जी ने न सिर्फ अपने करियर के शुरुआती दौर की एक अहम याद साझा की, बल्कि यह भी बताया कि कैसे टीमवर्क और फिल्म के हित को सबसे ऊपर रखना उन्होंने समय के साथ सीखा. 30 साल के सफर और मर्दानी 3 की तैयारी के बीच रानी का यह बेबाक अंदाज उनके अनुभव और परिपक्वता को साफ़ तौर पर दर्शाता है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
ShankaracharyaSyed Suhail | Mauni Amavasya Controversy: Shankaracharya को बैन कर देंगे Yogi! | Magh Mela 2026