रणबीर कपूर ने कही दिल की बात, बोले- पहले अमिताभ और फिर शाहरुख बनना चाहता था लेकिन बन गया

रणबीर कपूर की फिल्म 'शमशेरा' 22 जुलाई को रिलीज होने जा रही है. उन्होंने आरके टेप्स में अपने पसंदीदा हीरो के बारे में कुछ यह बात कही है.

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रणबीर कपूर ने एक्टिंग को लेकर कहा कुछ ऐसा
नई दिल्ली:

एक्शन एंटरटेनर शमशेरा में रणबीर कपूर एक ऐसी भूमिका निभा रहे हैं जो काफी खास है. संजू के चार साल बाद बड़े पर्दे पर आ रहे रणबीर कपूर ने, फिल्म के ट्रेलर में वे आदिवासी सरदार शमशेरा और उनके बेटे बल्ली के रूप में नजर आए हैं. इस रूप में उन्हें पहले कभी नहीं देखा गया है. तीन एपिसोड वाली वीडियो सीरीज आरके टेप्स के दूसरे पार्ट में, रणबीर अपने पसंदीदा हिंदी फिल्म नायकों और गुजरते वर्षों में उन्होंने उनकी चेतना को कैसे आकार दिया है, के बारे में बात कर रहे हैं. रणबीर कपूर कहते हैं, ‘मैं अमिताभ बच्चन बनना चाहता था. जब मैं बड़ा हुआ तो शाहरुख खान बनना चाहता था! अंत में, मुझे रणबीर कपूर बनना पड़ा. द हिंदी फिल्म हीरो के दूसरे एपिसोड में रणबीर ने सीधे अपने दिल की बातें की हैं.

रणबीर कपूर कहते हैं, ‘मेरे बड़े होने तक ये हिंदी फ़िल्म हीरो मेरे वास्तविक जीवन के हीरो बन गए थे. मैंने जोकुछ भी किया, मैंने जो कपड़े पहने, जैसे बात की, अवचेतन रूप से मैंने जो कुछ भी किया वह मेरे इन नायकों से प्रेरित था. लेकिन इसे अजीब ही कहेंगे कि जब मैं एक एक्टर बन गया तो मैं उस तरह की फिल्मों का चयन नहीं कर रहा था, जिस तरह के मेरे हीरो चुनेंगे. तो, मैंने अपने अंदर के एक्टर को संतुष्ट किया होगा, लेकिन जब मैं 12 साल पहले के हिन्दी फिल्म हीरो रणबीर को देखता हूं तो मुझे लगता है कि उसे अपने सपने को अभी पूरा करना है.'

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शमशेरा की कहानी काजा के काल्पनिक शहर पर आधारित है, जहां एक योद्धा जनजाति को एक क्रूर सत्तावादी जनरल शुद्ध सिंह द्वारा कैद कर लिया गया है, जो उन्हें गुलाम बनाकर प्रताड़ित करता है. यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो गुलाम बन जाता है, एक गुलाम जो नेता बन जाता है और फिर अपने कबीले के लिए एक किंवदंती बन जाता है. वह अपने कबीले की आजादी और सम्मान के लिए लगातार संघर्ष करता है और उसी का नाम शमशेरा है. आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्मित यह एक्शन फिल्म 22 जुला को हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज होगी.

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