राम्या कृष्णन तेलुगु, तमिल कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में भी काम किया है. राम्या का जन्म 15 सितंबर 1970 को मद्रास यानी चेन्नई, तमिलनाडु में एक तेलुगु परिवार में हुआ था. वे तमिल फिल्म अभिनेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद चो रामास्वामी की भतीजी हैं. उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म 'नेरम पुलारुम्बोल' से की. हालांकि यह उनकी पहली फिल्म थी जिसमें उन्होंने अभिनय किया, लेकिन इसे 1986 में देर से रिलीज किया गया. उनकी पहली रिलीज 1985 में 'वेल्लाई मनसु' थी, जिसमें वह वाई. जी. महेंद्र के साथ नजर आई थीं. यह एक तमिल फिल्म थी. राम्या ने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और वह बॉलीवुड में टॉप एक्ट्रेस बनना चाहती थीं, लेकिन नाम कमाया साउथ में.
इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं, जिनमें रजनीकांत अभिनीत 'पडिक्कादावन' (1985) शामिल है, जिसमें उन्हें बिना क्रेडिट वाली भूमिका मिली थी. वह कमल हासन की 'पेर सोल्लुम पिल्लई' (1987) भी नजर आई थीं. उन्होंने बाद में साउथ के कई सुपरस्टार्स के साथ काम किया. लीड एक्ट्रेस के तौर पर उनकी पहली फिल्म थी, सुपरस्टार विष्णुवर्धन के साथ 'कृष्णा रुक्मिणी'.
बाद में उन्होंने हिंदी फिल्मों का रूख किया. वह अमिताभ बच्चन से लेकर विनोद खन्ना, फिरोज खान, गोविंदा और शाहरुख खान के साथ फिल्मों में नजर आईं. हिंदी फिल्म 'दयावान' में उन्होंने एक छोटी सी भूमिका निभाई थी.
तेलुगु और हिंदी फिल्मों में बड़ी सफलता
तमिल और तेलुगु दोनों भाषाओं में कई फिल्में फ्लॉप होने के बाद उन्हें 1989 में रिलीज हुई के. विश्वनाथ की फिल्म 'सूत्रधारुलु' से पहचान मिली. उन्हें असली सफलता के. राघवेन्द्र राव की फिल्मों से मिली, जिनमें वे एक कमर्शियल रोमांटिक स्टार के तौर पर उभरीं. इनमें मोहन बाबू के साथ 'अल्लुडुगारु' (1990), 'अल्लारी मोगुडु' (1992), 'मेजर चंद्रकांत' (1993) और राजशेखर के साथ 'अल्लारी प्रियुडु' (1993) जैसी सफल फिल्में शामिल थीं. उन्होंने फिल्म 'अन्नमय्या' (1997) में श्री अन्नमाचार्य की पत्नी की भूमिका निभाई, जबकि नागार्जुन ने अन्नमाचार्य का किरदार निभाया था. 1998 में उन्होंने 'कांटे कूथुरने कानू' में लीड रोल किया. इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का नंदी पुरस्कार मिला. उनकी सबसे बड़ी कन्नड़ हिट फिल्मों में रविचंद्रन के साथ 'गडिबिडि गंडा' (1993) और 'मंगल्यम तंतुनानेना' (1998) शामिल हैं.
राम्या ने यश चोपड़ा की फिल्म 'परंपरा' (1993) से हिंदी फिल्मों में बतौर हीरोइन डेब्यू किया. उन्होंने कुछ और हिंदी फिल्मों में भी काम किया, जिनमें सुभाष घई की 'खलनायक' (1993), महेश भट्ट की 'चाहत' (1996), डेविड धवन की 'बनारसी बाबू' (1997), अमिताभ बच्चन और गोविंदा के साथ 'बड़े मियां छोटे मियां' (1998) और मिथुन चक्रवर्ती के साथ 'शपथ' शामिल हैं.
राम्या ने भले ही कम ही हिंदी फिल्मों में काम किया, लेकिन उनकी खूबसूरती को बेहद सराहा गया. उस दौर के बड़े स्टार्स भी उनके साथ काम करने को उत्सुक रहते थे. विनोद खन्ना से लेकर फिरोज खान तक राम्या की खूबसूरती के दीवाने थे.
बाप बेटे के साथ रोमांस
बता दें कि 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म कभी खुशी कभी गम में अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान के दत्तक पिता की भूमिका निभाई थी.करण जौहर द्वारा निर्देशित कभी खुशी कभी गम में अमिताभ बच्चन ने सख्त बिजनेस टाइकून यशवर्धन रायचंद की भूमिका निभाई और शाहरुख खान ने उनके दत्तक पुत्र राहुल रायचंद की भूमिका में थे. दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इतनी दमदार थी कि शाहरुख खान के सबसे छोटे बेटे अबराम को बचपन में सचमुच कन्फ्यूजन हो गया था. उन्हें लगता था कि अमिताभ बच्चन असल में उनके पिता के पिता हैं. वहीं राम्या बिग बी और शाहरुख दोनों के साथ फिल्मों में रोमांस कर चुकी हैं.
2015 में राम्या ने एस.एस. राजामौली की फिल्म बाहुबली: द बिगिनिंग और इसके सीक्वल बाहुबली: द कन्क्लूजन में अभिनय किया, जहां उन्होंने राजमाता शिवगामी देवी की भूमिका निभाई. यह फिल्म उनके करियर की अब तक की बेस्ट फिल्म है.
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