राजपाल यादव को बर्बाद कर गई ये फिल्म, ऐसी पलटी किस्मत आज पहुंच गए तिहाड़ जेल

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव की जिंदगी में उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई. फिल्म की नाकामी के बाद जुड़े भुगतान विवाद ने उन्हें कानूनी संकट में डाल दिया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
किस फिल्म की वजह से जेल पहुंचे राजपाल यादव
Social Media
नई दिल्ली:

राजपाल यादव का नाम आते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. छोटे से किरदार में भी जान डाल देने वाले इस एक्टर ने ‘हेरा फेरी', ‘भागम भाग', ‘भूल भुलैया' जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से अलग पहचान बनाई. सालों तक लगातार काम, दर्शकों का प्यार और इंडस्ट्री में एंटरटेनिंग और ट्रस्टेबल नाम बन चुके राजपाल यादव को हमेशा एक सुलझे हुए कलाकार के तौर पर देखा गया. लेकिन यही कलाकार आज अपनी लाइफ के सबसे टफ टाइम को फेस कर रहा है. एक फिल्म बनाने के फैसले और उस प्रोसेस के दौरान हुई गलतियों ने राजपाल यादव को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है. इसका नतीजा ये हुआ कि आज वो जेल में हैं.

एक फिल्म जिसने किया बर्बाद 

राजपाल यादव के लिए टर्निंग पॉइंट बनी उनकी फिल्म अता पता लापता. राजपाल यादव के लिए ये उनकी लाइफ का सबसे गलत डिसिजन बन गया. इस फिल्म को उन्होंने सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक सपने की तरह देखा. फिल्म बनी, रिलीज हुई, लेकिन दर्शकों का साथ नहीं मिला. बॉक्स ऑफिस पर नाकामी के बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए. इसी फिल्म से जुड़े चेक बाउंस मामले ने राजपाल यादव को कानूनी पचड़े में डाल दिया. मामला लंबा खिंचता गया और आखिरकार अदालत के आदेश पर उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा. जिस कलाकार ने पर्दे पर हजारों बार लोगों को हंसाया. वो जेल जाते वक्त खुद रो पड़ा.

अता पता लापता का बजट और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

राजपाल यादव की इस फिल्म को डायरेक्ट खुद उन्होंने ही किया था. फिल्म में लीड रोल भी राजपाल ने ही निभाया. इस फिल्म का बजट करीब 5 करोड़ रुपये बताया जाता है. वहीं इसकी कमाई सुनेंगे तो आपको भी झटका लग जाएगा. 5 करोड़ में बनी इस फिल्म ने महज 38 लाख रुपये कमाए थे. ये फिल्म साल 2012 में आई थी. 

नीयत कभी गलत नहीं थी- अनीस

राजपाल यादव के करीबी दोस्त और निर्देशक अनीस बज्मी के मुताबिक वो राजपाल को पिछले दो दशकों से जानते हैं. उन्होंने हमेशा उन्हें एक टैलेंटेड और लॉयल इंसान के रूप में देखा है. अनीस बज्मी कहते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में कई लोग एंबिशियस होकर बड़े फैसले ले लेते हैं. फिल्म बनाने का जुनून अच्छा होता है. लेकिन कई बार अनुभव और सही सलाह की कमी भारी पड़ जाती है. कागजी कामकाज और समझौतों की बारीकियां हर कलाकार नहीं समझ पाता और यहीं से परेशानी शुरू होती है. उनका मानना है कि राजपाल यादव की मंशा कभी किसी का नुकसान करने की नहीं रही.

Featured Video Of The Day
Kanpur Lamborghini Accident: क्या Shivam Mishra नहीं, Driver चला रहा था 10 करोड़ की Car? जानिए सच