बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडी अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में चेक बाउंस और कर्ज के मामले में तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर बात की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने जहां अपने केस पर सफाई दी, वहीं अपने अंदाज में ऐसा बयान भी दिया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. दरअसल, राजपाल यादव को उनकी 2012 की फिल्म ‘अता पता लापता' से जुड़े करीब 9 करोड़ रुपये के कर्ज के मामले में जेल जाना पड़ा था. कर्ज न चुका पाने के चलते उन्हें तिहाड़ जेल में 13 दिन बिताने पड़े, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी. इस पूरे मामले ने इंडस्ट्री में भी काफी हलचल मचाई थी.
'हां, हूं मैं चोर'- राजपाल यादव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजपाल यादव ने अपने खास अंदाज में कहा, “हां, मैं बचपन से चोर हूं… लेकिन मैंने सिर्फ लोगों के दिल चुराए हैं.” उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद हमेशा लोगों को हंसाना रहा है और जब तक वह जिंदा हैं, लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे. उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे. हालांकि, अभिनेता ने यह भी स्वीकार किया कि उनसे बड़ी गलती हुई. उन्होंने बताया कि उन्होंने भरोसे में आकर बिना पूरी जानकारी लिए कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए थे, जिसका खामियाजा उन्हें अब भुगतना पड़ा.
राजपाल यादव के खिलाफ रची गई साजिश
इस मामले में उनके वकील भास्कर उपाध्याय ने भी खुलकर पक्ष रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक साजिश के तहत रचा गया. उनके मुताबिक, कर्ज देने वाले उद्योगपति की मंशा केवल पैसे वापस लेने की नहीं, बल्कि राजपाल यादव को कानूनी जाल में फंसाने की थी. दूसरी ओर, कर्ज देने वाले उद्योगपति ने भी मीडिया के सामने अपनी मजबूरी जताई और कहा कि उनका इरादा अभिनेता को जेल भेजने का नहीं था.
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