इंडियन सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन की चर्चा पिछले दिन काफी हुई. जहां रजनीकांत ने कहा कि विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने तो उन्हें खुशी हुई. वहीं उन्होंने कहा कि अगर कमल हासन मुख्यमंत्री बनते तो उन्हें जलन होती. इसी पर अब खुद कमल हासन ने रिएक्शन दिया है और कहा कि रजनीकांत और मेरे बीच हमेशा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रही है. वहीं उनके और रजनीकांत के बीच कभी भी जलन जैसी भावना नहीं रही.
कमल हासन ने रजनीकांत के कमेंट पर कही ये बात
साउथ सिनेमा के दो सबसे बड़े सितारे कमल हासन और रजनीकांत लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहे हैं. दोनों ने दशकों तक तमिल सिनेमा पर राज किया है और अपनी अलग पहचान बनाई है. अक्सर लोग इन दोनों कलाकारों की तुलना करते हैं. कई बार यह भी माना जाता है कि दोनों के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही होगी. अब कमल हासन ने खुद इस मुद्दे पर खुलकर बात की है और कहा है कि उनके और रजनीकांत के बीच कभी भी जलन जैसी भावना नहीं रही. मीडिया से बातचीत के दौरान कमल हासन से रजनीकांत के एक बयान को लेकर सवाल पूछा गया.
कमल हासन ने कहा- मैं और रजनीकांत अच्छे खिलाड़ी की तरह हैं
दरअसल, रजनीकांत ने हाल में मजाकिया अंदाज में कहा था कि उन्हें खुशी है कि विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने. अगर कमल हासन मुख्यमंत्री बन जाते, तो शायद उन्हें थोड़ी जलन होती. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कमल हासन ने कहा कि रजनीकांत ने यह बात मजाक में कही थी. हमें कभी भी एक-दूसरे से जलन नहीं हुई. हम दोनों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया है और अपने काम पर ध्यान दिया है. कमल हासन ने आगे कहा, ''मैं और रजनीकांत अच्छे खिलाड़ी की तरह हैं. फिल्मों में हम दोनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूर है, लेकिन कभी जलन नहीं रही. अगर हम क्रिकेट भी खेलते, तब भी हमारा रिश्ता ऐसा ही रहता. प्रतिस्पर्धा हर क्षेत्र में जरूरी होती है. इससे इंसान बेहतर काम करने की कोशिश करता है. लेकिन, प्रतिस्पर्धा का मतलब दुश्मनी नहीं होता.''
विजय के सामने रखी 6 मांगें
कमल हासन इन दिनों तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों को लेकर भी काफी सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने राज्य की फिल्म इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए छह मांगें रखी. उनकी सबसे बड़ी मांगों में से एक राज्य सरकार का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करना है. कमल हासन का कहना है कि इससे तमिल दर्शकों को कम कीमत में तमिल फिल्में, स्वतंत्र फिल्में और डॉक्यूमेंट्री देखने का मौका मिलेगा. इससे छोटे कलाकारों और नए फिल्मकारों को भी फायदा होगा. उन्होंने फिल्मों पर लगने वाले 4 प्रतिशत टैक्स को खत्म करने की मांग भी रखी. उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण और थिएटर चलाने का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में यह टैक्स इंडस्ट्री पर अतिरिक्त बोझ डालता है. इसके अलावा, उन्होंने फिल्मों की ऑनलाइन चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की. उन्होंने सुझाव दिया कि तमिलनाडु पुलिस के साइबर क्राइम विभाग में एक मजबूत एंटी-पाइरेसी टीम बनाई जाए, जो इंटरनेट पर लीक होने वाली फिल्मों को तुरंत हटाने का काम करे. कमल हासन ने थिएटर मालिकों को राहत देने के लिए हर फिल्म के पांच शो चलाने की अनुमति देने का सुझाव भी दिया. इसके अलावा, सरकार से फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू करने की भी अपील की.
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