राजेश खन्ना बॉलीवुड के सुपरस्टार कहलाते हैं, जिन्होंने कई एक्ट्रेसेस और कलाकारों के साथ काम किया. लेकिन क्या आप काका के उस जिगरी यार के बारे में जानते हैं, जिनके साथ उन्होंने 25 फिल्मों में काम किया. 1972 से 1992 के दौर में उन्होंने उन्होंने कई हिट फिल्में कीं. पर अब 80 से 90 के दौर में ही नहीं उन्होंने राजेश खन्ना के दामाद यानी अक्षय कुमार के साथ भी 12 फिल्मों में काम किया, जिसका जिक्र एक्टर ने हाल ही में शेयर किए पोस्ट में किया और उन्हें मास्टरक्लास बताया. नहीं पहचाना हम बात कर रहे हैं, दिग्गज एक्टर असरानी की.
25 फिल्मों में किया राजेश खन्ना के साथ असरानी ने किया काम
आईएमडीबी के अनुसार, राजेश खन्ना के साथ 25 फिल्मों में काम करने वाले असरानी की पहली मुलाकात बावर्ची के सेट पर हुई , जिसके बाद उनकी दोस्ती नमक हराम से आगे बढ़ी और 1991 में घर परिवार में आखिरी बार साथ में काम किया.
70 के दशक में कॉमेडी रोल से पॉपुलर हुए असरानी
असरानी अपने कॉमेडी रोल के लिए जाने जाते हैं. 70 के दशक में उनकी आज की ताजा खबर, रोटी, प्रेम नगर, चुपके चुपके, छोटी सी बात, रफू चक्कर, शोले, बालिका वधू, फकीरा, अनुरोध, छैला बाबू, चरस, फांसी, दिल्लगी, हीरालाल पन्नालाल, पति पत्नी और वो और हमारे तुम्हारे में के लिए काफी पसंद किया. इतना ही नहीं डी रामा नायडू द्वारा प्रोड्यूस की गई फीचर फिल्मों में वह रेगुलर नाम थे. इसके अलावा 1972 से 1992 में ऋषिकेश मुखर्जी, बीआर चोपड़ा, के बापाइया, नारायण राव दसारी, के रघुवेंद्र राव, बासु चटर्जी द्वारा डायरेक्ट की गई फिल्मों में नजर आए.
अक्षय कुमार के साथ 12 फिल्मों में किया काम
असरानी का निधन अक्टूबर 2025 में 84 वर्ष की उम्र में हुआ था, जिसके बाद भूत बंगला उनकी अपकमिंग फिल्म है, जिसमें अक्षय कुमार के अलावा वामिका गब्बी, तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव, मिथिला पालकर और असरानी अहम भूमिका में नजर आएंगे. इसी के चलते अक्षय कुमार ने दिवंगत अभिनेता के साथ अपने लंबे सफर को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट शेयर किया. अक्षय कुमार ने इंस्टाग्राम पर असरानी के साथ ब्लैक एंड व्हाइट एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ''कभी-कभी एक तस्वीर सिर्फ यादों का टुकड़ा नहीं होती. एक पूरी यात्रा को समेटती है. ये तस्वीर हमारी 'भूत बंगला' की शूटिंग से है. असरानी जी के साथ ये मेरी दूसरी और आखिरी फिल्म थी. मैंने असरानी के साथ कुल 12 फिल्मों में काम किया है. हर बार उनसे बहुत कुछ नया सीखा. हर बार मास्टरक्लास जैसा था. जब वह परदे पर कॉमेडी करते थे, तो सब बहुत आसान लगता था. लेकिन असल में लोगों को हंसाना एक मुश्किल कला है, जिसे हर कोई नहीं कर सकता. असरानी कॉमेडी के उस्ताद थे और उनकी जगह लेना किसी के लिए आसान नहीं है. मेरे लिए 'भूत बंगला' सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव है. यह मेरे लिए एक याद, एक श्रद्धांजलि और एक सम्मान है, जो मैं असरानी को देना चाहता हूं. असरानी हमेशा यादों में जिंदा रहेंगे और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता.''