Dil Hai Ke Manta Nahin: बॉलीवुड में 90 के दशक की फिल्मों और गानों का क्रेज आज भी खत्म नहीं हुआ और आने वाली सदियों तक भी खत्म नहीं होगा. यह भारतीय सिनेमा के लिए गोल्डन पीरियड कहा जाता है. 34 साल पहले यूपी कानपुर के एक नौजवान गीतकार की मुलाकात महेश भट्ट से हुई. वह तब 'आशिकी' पर काम कर रहे थे. तब उन्होंने एक धुन नए गीतकार फैज अनवर को दी. आधे घंटे में फैज ने ऐसा गीत लिखा, जिसे सुनकर महेश ने उन्हें गले लगा लिया. उनको गाना इतना पसंद आया कि उन्होंने इस पर फिल्म ही बना दी. आज हम उस फिल्म और गाने के बारे में बताने जा रहे हैं...
90 का दशक रोमांटिक दौर था. 90 की रोमांटिक फिल्में या गाने आज भी लोग देखते और गुनगुनाते हैं. डांस हो या रोमांस या दिल के जज्बात, फैंस इन गानों का सहारा लेते हैं. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं वह 12 जुलाई 1991 को रिलीज हुई थी. फिल्म में आमिर खान और पूजा भट्ट लीड रोल में थे. इसके गाने आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं. वह फिल्म है 'दिल है के मानता नहीं'.
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गाने के बारे में
महेश भट्ट की 'दिल है की मानता नहीं' रोमाटिंक कॉमेडी फिल्म थी. आमिर खान और पूजा भट्ट की केमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया. इस फिल्म का गाना 'दिल है की मानता नहीं', 'अदाएं भी हैं' और 'मैनु इश्क दा लगिया रोग' को भी आज धूम मचाते हैं. इस फिल्म का टाइटल सॉन्ग यूपी कानपुर के गीतकार फैज अनवर ने लिखा था.
फैज अनवर ने एक इंटरव्यू में बताया था, 'रूप कुमार राठौर ने मेरी मुलाकात महेश भट्ट से करवाई थी. उस समय भट्ट साहब नदीम-श्रवण के साथ 'आशिकी' फिल्म पर काम कर रहे थे. आशिकी फिल्म का एक गाना बचा था. जैसे ही मैं उनसे मिलने पहुंचा तो भट्ट साहब ने कहा कि मियां! आज वक्त आ गया है, आपको अपने आप को साबित करना होगा. ये वॉकमैन ले, इसके अंदर एक कैसेट है, धुन सुनकर गाना लिख दीजिए. ऊपर कमरे में जाओ और आराम से भजिया खाते हुए गाना लिख दो. मैंने 35 मिनट में गाना लिख दिया.' जब नदीम ने गाना गाकर सुनाया, 'दिल है के मानता नहीं, मुश्किल बड़ी है रस्म-ए-मुहब्बत, ये जानता ही नहीं...ये बेकरारी क्यों हो रही है, ये जानता ही नहीं...'. गाने की लाइन सुनते ही भट्ट् साहब ने मुझे गले से लगा लिया.' हालांकि भट्ट् साहब ने कहा कि 'दिल है के मानता नहीं'हम अपनी अगली फिल्म में डाल देंगे. दरअसल दूसरी फिल्म पर भी काम चल रहा था. इस तरह से 'दिल है के मानता' नहीं का टाइटल सॉन्ग बना और पूरी की पूरी फिल्म भी बनी. इस गाने को कुमार सानु- अनुराधा पौडवाल ने आवाज दी है.