सेंसर बोर्ड ने पराशक्ति में 25 मॉडिफिकेशन करने को कहा, लोग बोले- इससे अच्छा साइलेंट फिल्म बनाकर रिलीज कर दो

सेंसर बोर्ड ने शुक्रवार को शिवकार्तिकेयन-स्टारर 'पराशक्ति' को 10 जनवरी को तय रिलीज़ के लिए मंज़ूरी दे दी है. लेकिन रिलीज के लिए कुछ बदलाव करने के लिए भी कहा गया.

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सेंसर बोर्ड ने पराशक्ति में 25 मॉडिफिकेशन करने को कहा
नई दिल्ली:

सेंसर बोर्ड ने शुक्रवार को शिवकार्तिकेयन-स्टारर 'पराशक्ति' को 10 जनवरी को तय रिलीज़ के लिए मंज़ूरी दे दी है. इस तमिल फिल्म को UA सेंसर सर्टिफिकेट दिया, लेकिन रिलीज के लिए कुछ बदलाव करने के लिए भी कहा गया. सुधा कोंगारा द्वारा निर्देशित और डॉन पिक्चर्स द्वारा निर्मित 'पराशक्ति' में सर्टिफिकेट मिलने से पहले 25 बदलाव किए गए, जिसमें कट, डायलॉग्स को बदलना और म्यूट करना, साथ ही विज़ुअल्स को हटाना शामिल है. 1960 के दशक के मद्रास पर आधारित 'पराशक्ति', हिंदी विरोधी आंदोलनों के दौरान तमिलनाडु के तनावपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक माहौल को दिखाती है. इसे रेड जायंट मूवीज द्वारा डिस्ट्रीब्यूट किया गया है, जो DMK राजनीतिक पार्टी से जुड़ी है.

यहां उन बदलावों की जानकारी दी गई है जो सेंसर बोर्ड ने परशक्ति के मेकर्स से करने को कहा था:

सेंसर बोर्ड ने फिल्म मेकर्स से गाली वाले सात वाक्यांशों को म्यूट करने को कहा.

'थी परवतुम' (आग फैलने दो) वाक्यांश को 'नीति परवतुम' (न्याय की जीत हो) में बदल दिया गया.

तमिल वाक्यांश, 'हिंदी एन कनवाई अलिथथु' (हिंदी ने मेरे सपनों को नष्ट कर दिया) को 'एन ओरे कनवाई हिंदी थिनिपु एरिथथु' (हिंदी थोपने ने मेरे एकमात्र सपने को जला दिया) में बदल दिया गया

मेकर्स ने 'हिंदी कथ्थुक्किट्टु' (हिंदी सीखना) वाक्यांश को म्यूट कर दिया.

मेकर्स से 'हिंदी अरक्की' (हिंदी राक्षस) नाम के पुतले को जलाने के विजुअल्स को हटाने के लिए भी कहा गया. 'हिंदी अरक्की' वाक्यांश को सिर्फ 'अरक्की' (राक्षस) में बदल दिया गया.

मेकर्स ने पांच बदलावों का पालन किया है. बोर्ड ने मेकर्स से फिल्म में आत्मदाह के विजुअल्स को 50% कम करने के लिए भी कहा. मेकर्स से एक गांव में हुए नरसंहार के विजुअल्स को कम करने के लिए भी कहा गया, खासकर एक युवा मां की हत्या और लाशें दिखाने वाले विजुअल्स को हटाने के लिए.

"राष्ट्र-विरोधी कमीने" वाक्यांश को डायलॉग्स में म्यूट कर दिया गया है और सबटाइटल से हटा दिया गया है. डाकघर के साइन बोर्ड पर गोबर लगाने और एक मां और बच्चे से जुड़े गोलीबारी के विजुअल्स को हटा दिया गया. हिंदी भाषा पर जोर देने वाले सबटाइटल भी हटा दिए गए.

सेंसर बोर्ड ने मेकर्स से पहले से मौजूद फिक्शन डिस्क्लेमर की अवधि बढ़ाने के लिए भी कहा ताकि दर्शक को पढ़ने के लिए ज़्यादा समय मिल सके. बोर्ड ने कहा कि पूरे डिस्क्लेमर के लिए एक वॉयसओवर भी दिया जाना चाहिए.

बोर्ड ने मेकर्स से पोस्टल मनी ऑर्डर UPSC परीक्षाओं को रद्द करने और रेलवे इंटरव्यू में भाषा दक्षता की आवश्यकता जैसे संवेदनशील दृश्यों में एक फिक्शन डिस्क्लेमर डालने के लिए कहा. परशक्ति पहले 14 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी.

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