मुंबई में फिल्म 'ओह माय डॉग' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपने खास अंदाज में नजर आए. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के निर्देशक अमित राय और बाकी कलाकार भी शामिल हुए, लेकिन महफिल पूरी तरह से दो खास मेहमानों- ऑस्कर और ब्रूनो (डॉग्स) ने लूट ली. जब स्टेज पर ऑस्कर और ब्रूनो को लाया गया, तो दोनों के बीच थोड़ी तनातनी देखने को मिली. एक को उतारने के बाद ही दूसरे को स्टेज पर लाया जा सका. इस मजेदार वाकये को देखकर पंकज त्रिपाठी ने बॉलीवुड के स्टार्स, स्टारडम और स्टार कल्चर पर बड़े ही मजाकिया और सटीक अंदाज में चुटकी ली और कहा कि, 'असली स्टार्स तो यही हैं, हम तो कुछ नहीं हैं'.
दोनो डॉग्स के बीच की इस खींचतान और एंट्री-एग्जिट को देखकर पंकज त्रिपाठी ने कहा, "क्या होता है ना...आमतौर पर अभी आपने देखा थोड़ी देर पहले एक सीन घटित हुआ कि जब ऑस्कर स्टेज से उतरा, तब ब्रूनो चढ़ा. तो असली स्टार यहीं है. ये डिसाइडेड था कि वो उतरे कि नहीं, तभी मैं आऊंगा. तो हम लोग कुछ नहीं हैं."
उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए कहा, "वो आपने ध्यान नहीं दिया, स्टार्ट में दिख गया था, बिगनिंग में ही. एक हीरो को उतारना पड़ा था, दूसरा हीरो आया. तो मुझे लगा कि ये जरूरी कहानी है ऐसे दो न बोलने वाले स्वानों की...".
'हिंदी सिनेमा ने कुत्तों को गाली बना दिया'
बातचीत के दौरान अभिनेता ने 'कुत्ता' शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई और हिंदी सिनेमा की सोच पर बात की. उन्होंने कहा, "मैं 'स्वान' शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं, क्योंकि कुत्तों को हिंदी सिनेमा ने गाली बना दिया है- 'कुत्ते'! जबकि ऐसा था नहीं, वो तो एक शब्द था, इसलिए हम स्वान बोले".
पंकज त्रिपाठी ने बताया क्यों की ये फिल्म?
जब सवाल उठा कि पंकज ने ये फिल्म क्यों की, तो उन्होंने वजह बताते हुए कहा कि अमित राय के साथ उन्होंने पहले काम किया है और वे उनके अच्छे मित्र हैं तथा बिहार से हैं. पंकज ने कहा, "तो मुझे लगा कि चलो ये अच्छी कहानी है, ऐसी फिल्मों को सपोर्ट की जरूरत है. मुझे जाना चाहिए. तो मैंने बोला आप रोल छोड़ दो, जो मन करे करवा लेना, मैं आ जाऊंगा पांच-छह दिन पटना. हमारी स्टोरी पटना में बेस्ड है. तो मैं बस सीधे गया और उन्होंने जो बोला वो करके आ गए. अभी तक मैं फिल्म भी नहीं देखा हूं, आज ट्रेलर लॉन्च में भी पहुंच गए".
पालतू जानवरों से जुड़ाव और 'अनकंडीशनल लव'
जब घर के पालतू जानवरों और उनके साथ रिश्ते को लेकर सवाल किया गया, तो पंकज ने अपने घर के दो डॉग्स- जिन्नी और प्रिंस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वे परिवार का हिस्सा बन जाते हैं. आम लोगों के मन में जानवरों को लेकर होने वाले डर पर उन्होंने कहा, "ये फिल्म देखकर आम ऑडियंस के मन में इनके प्रति जो डर है, वो भी शायद थोड़ा माइल्ड हो जाए या कम हो जाए कि नहीं-नहीं, ये उतने ही अच्छे जीव हैं, खाली समझना होगा".
पंकज त्रिपाठी ने आगे कहा कि शाम को घर पहुंचने पर जिस तरह का वेलकम और खुशी ये जानवर देते हैं, वैसा कोई और नहीं दे सकता. इंसानों और जानवरों के प्यार में फर्क समझाते हुए उन्होंने तंज कसा, "परिवार में तो फिर कैलकुलेशन हो सकती है, क्योंकि ये बीते कल का दिमाग में पाल के नहीं रखते हैं ना शिकायत कि कल तुमने ये बोला था. ये सिर्फ प्रेजेंट में रहते हैं कि तुम आ गए...अनकंडीशनल लव देखिए, अनकंडीशनल लव".
ओह माय डॉग 31 जुलाई को रिलीज हो रही है, फिल्म की दुनिया आजकल की फिल्मों की दुनिया से एक दम अलग है और काफी समय से बॉलीवुड सिनेमा में डॉग के ऊपर कहानी नहीं नजर आएं हैं, आखिरी फिल्म जो जहन में है वो है के सी बोकाड़िया द्वारा निर्मित तेरी मेहरबानियां.
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