'ओ रोमियो' को बॉक्स ऑफिस पर मिला फ्लॉप का तमगा, जानें कैसे शाहिद और विशाल ने अपने पांव पर मारी कुल्हाड़ी

शाहिद कपूर के लिए ओ रोमियो का हिट होना जरूरी थी. लेकिन फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर पिट गई. आइए जानते हैं किस तरह एक्टर और डायरेक्टर ने किया फिल्म का बंटाढार.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
ओ रोमियो की बॉक्स ऑफिस पर खत्म हुई कहानी
नई दिल्ली:

बॉलीवुड में शेक्सपियर की कहानियों को भारतीय परिवेश में ढालने वाले निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो (O Romeo)' ने सिनेमाघरों में उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. शाहिद कपूर (Shahid Kapoor)और तृप्ति डिमरी अभिनीत यह रोमांटिक एक्शन थ्रिलर 13 फरवरी 2026 को रिलीज हुई थी, लेकिन महज कुछ हफ्तों में ही इसे फ्लॉप का तमगा मिल गया. फिल्म की कुल कमाई लगभग 100 करोड़ रुपये रही, जबकि बजट और प्रमोशन मिलाकर 130 करोड़ का खर्च आया, जिससे निर्माताओं को 30 करोड़ का नेट लॉस हुआ. 

यह भी पढ़ें: पंचायत की मंजू देवी बनेंगी 66 की उम्र में मां? प्रेग्नेंसी पर नीना गुप्ता बोलीं- रियल लाइफ बधाई हो चाहिए

ओ रोमियो तुझे हुआ क्या?

ओ रोमियो की कहानी 1990 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड पर आधारित है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत ठीक-ठाक रही. पहले दिन 7.75 करोड़, दूसरे दिन 11.75 करोड़ और वैलेंटाइन डे के असर से वीकेंड में कुल 25 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई. लेकिन उसके बाद गिरावट आई. चौथे हफ्ते में महज 1.20 करोड़ का कलेक्शन हुआ. फिल्म ने 40 करोड़ रुपये थिएट्रिकल शेयर से कमाए जबकि डिजिटल, म्यूजिक और सैटेलाइट से इसने 60 करो़ड़ का कलेक्शन किया. इसका बजट और प्रमोशन का खर्च कुल 130 करोड़ रुपये थे. इस तरह 30 करोड़ का घाटा हुआ. वर्ल्डवाइड ग्रॉस 101 करोड़ पार हुआ, लेकिन ब्रेकइवन के लिए 100 करोड़ नेट की जरूरत थी, जो नहीं पूरी हुई.

Advertisement

फ्लॉप होने की मुख्य वजहें क्या हैं? 

फिल्म का सेकंड हाफ कमजोर रहा. फर्स्ट हाफ में विशाल भारद्वाज की सिग्नेचर स्टाइल नजर आई, लेकिन सेकंड हाफ कमर्शियल सिनेमा की तरफ झुक गया, जो ना आर्ट ना कमर्शियल बना. गाने जैसे ‘पान की दुकान' और ‘आशिकों की कॉलोनी' नहीं चले, जबकि म्यूजिक ऐसी फिल्मों के लिए अहम होता है.

पहले हफ्ते में ही ‘बाय वन गेट वन' ऑफर शुरू करना और बुकमायशो पर रेटिंग्स बंद करना नेगेटिव सिग्नल था. कोर्ट के आदेश से रेटिंग्स हटाए गए, लेकिन नेगेटिव रिव्यूज से वर्ड ऑफ माउथ खराब हुआ.

Advertisement

हिंसा ज्यादा थी, लेकिन रीयलिस्टिक नहीं लगी, और इमोशनल कनेक्ट मिसिंग रहा. रॉटन टोमेटोज पर ऑडियंस रिव्यूज में कुछ ने इसे ‘एंगेजिंग' और ‘पोएटिक' बताया, लेकिन ज्यादातर ने सेकंड हाफ को ‘बोरिंग' और ‘मेस' कहा. 

शाहिद कपूर को जोर का झटका

यह फ्लॉप शाहिद कपूर के लिए झटका है, जिनकी पिछली फिल्में जैसे ‘कबीर सिंह' हिट थीं, लेकिन हालिया ‘देवा' डार्क कैरेक्टर्स वाली थीं, जो अब रिपीटेटिव लग रही हैं. विशाल भारद्वाज को भी हिट की तलाश है, उनकी आखिरी अच्छी फिल्म ‘हैदर' (2014) थी. तृप्ति डिमरी के लिए ‘एनिमल' के बाद यह दूसरी बड़ी फिल्म थी, लेकिन यह उनका दूसरा हाईएस्ट ग्रॉसर बन गई, हालांकि फ्लॉप.

कुल मिलाकर, ‘ओ रोमियो' में पोटेंशियल था, लेकिन कमजोर एक्जीक्यूशन ने इसे डुबो दिया. बॉलीवुड में ऐसी फिल्में बताती हैं कि अच्छी कास्ट और डायरेक्टर होने से ही सफलता नहीं मिलती, स्टोरी, म्यूजिक और ऑडियंस कनेक्ट जरूरी है. 

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti Israel Attack On Israel | बीच जंग Trump ने ईरान को दे डाली ये 3 धमकियां | War News
Topics mentioned in this article