Exclusive: नोरा फतेही के वल्गर गाने के लिरिक्स राइटर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मैंने नहीं लिखा गाना, डायरेक्टर को कंट्रोवर्सी चाहिए थी

नोरा फतेही और संजय दत्त के 'केडी: द डेविल' फिल्म के नए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ के लिरिक्स को लेकर हंगामा बवाल हो गया है. इस गाने के लिरिक्स राइटर रकीब आलम से एनडीटीवी की खास बातचीत.

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नोरा फतेही के वल्गर सॉन्ग के लिरिक्स राइटर रकीब आलम से खास बातचीत
नई दिल्ली:

फिल्म 'केडी: द डेविल' का नया गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके' ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है. नोरा फतेही पर फिल्माया गया यह गाना म्यूजिक डायरेक्टर अर्जुन जन्या का है. लेकिन इसकी फूहड़ लिरिक्स की वजह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे लेकर खूब आलोचना हो रही है. अब नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (एनएचआरसी) ने इस गाने को लेकर फिल्म के मेकर्स को नोटिस भेजा है. यह नोटिस सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना के बाद भेजा गया है. इसकी लिरिक्स को डबल मीनिंग और वल्गर बताया गया है. फिल्म का निर्देशन प्रेम ने किया है जबकि इस गाने के हिंदी लिरिक्स में रकीब आलम का नाम है जो इससे पहले पुष्पा के गाने हिंदी में लिख चुके हैं. पेश है उनसे ‘सरके चुनर तेरी सरके' को लेकर खास बातचीत.

सवाल: आपने क्या सोचकर ‘सरके चुनर तेरी सरके' जैसे डबल मीनिंग गाना लिखा?
जवाब: केडी का ये गाना डायरेक्टर का वर्जन है. मैंने इस गाने को लिखने से मना कर दिया था और हजार बोला कि यह गाना नहीं चलेगा. 

सवाल: लेकिन लिरिक्स में तो आपका ही नाम है?
जवाब: मुझे नहीं पता मेरा नाम कैसे आया क्योंकि गाना रिलीज होने के बाद से मुझे लगातार कॉल आ रहे हैं और सोशल मीडिया पर ट्रॅोलिंग की जा रही है.

सवाल: गाना तो आपने ही लिखा है ना?
जवाब: मैंने गाना नहीं लिखा है, मैंने इसका वर्ड टू वर्ड ट्रांसलेशन किया है क्योंकि फिल्म के डायरेक्टर प्रेम मान ही नहीं रहे थे. उन्होंने मुझसे कहा कि इसको जैसा कन्नड़ में लिखा है वैसा ही हिंदी में कर दो. मैं अनुवाद कर दिया और यह भी कहा कि इस तरह का गाना सेंसर से पास नहीं होगा. लेकिन प्रेम बोले कि वह देख लेंगे क्या करना है. लेकिन डायरेक्टर को तो कंट्रोवर्सी चाहिए थी. उन्होंने अनुवाद किए गाने को जस का तस फिल्म में डाल दिया और अब नतीजा आपके सामने है. 

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सवाल: अब विवाद हो गया है तो डायरेक्टर का क्या रिएक्शन है?
जवाब: मैंने उनसे कहा कि इस गाने को चेंज करो, मेरा नाम इसमें डाल दिया गया है. तो अब मैंने रात भर लिखकर इस गाने को दोबारा लिखा है, 'बोतल में दारू, दारू नशा है, नशा शरारत की वजह है.' आपको पता है कि ये डायरेक्टर बार-बार इसी बात पर जोर दे रहा है कि गाने में 'बोतल' और 'अचार' जरूर आने चाहिए. उसका सारा जोर इसी बात पर है. इतनी हदें पार करने के बाद भी मान नहीं रहा है.

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सवाल: जब संजय दत्त और नोरा फतेही पर गाना फिल्माया गया तो क्या वो भी इस बात को नहीं समझ पाए?
जवाब: देखिए, मुझसे गाना अनुवाद करवाया गया. उसके बाद कोई जानकारी नहीं थी. हो सकता है कि नोरा और संजय ने कन्नड़ गाने पर परफॉर्म किया हो. 

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