252 करोड़ के ड्रग्स केस में पुलिस के सामने पेश नहीं हुए ओरी, वकील ने पुलिस को चिट्ठी देकर की ये रिक्वेस्ट

पूरा मामला फरवरी 2024 में तब शुरू हुआ था जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक महिला को 741 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) के साथ गिरफ्तार किया था.

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252 करोड़ के ड्रग मामले में ऑरी को समन
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नई दिल्ली:

मुंबई के 252 करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ओरहान अवतरमणि, जिन्हें आमतौर पर 'ओरी' के नाम से जाना जाता है को मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने समन भेजा. उन्हें 20 नवंबर की सुबह 10 बजे घाटकोपर यूनिट के दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया. हालांकि ओरी ने मुम्बई पुलिस से समय की मांग की है. ओरी के वकील ने पुलिस को पत्र देकर कहा कि ओरी के उपलब्ध नही होने के नाते 25 नवंबर के बाद ही पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के सामने आ पाएंगे. पुलिस उन्हें समय देने पर विचार कर रही है, अबतक दूसरा समन नही भेजा गया है.

अधिकारियों के अनुसार यह समन जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें ओरी से उन दावों और जानकारी को लेकर पूछताछ होगी, जो मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ लविश शेख ने अपनी पूछताछ में किए थे.

क्या कह रही थी पुलिस?

पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी हाई-प्रोफाइल व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप तय नहीं हुए हैं और यह कदम केवल तथ्यों की पुष्टि करने के लिए उठाया गया है. जांच टीम यह समझना चाहती है कि आरोपी द्वारा बताए गए समय और स्थानों पर ओरी की मौजूदगी का कोई तथ्यात्मक आधार है या नहीं. इसके अलावा, शेख के दावों में जिन रेव पार्टियों का उल्लेख था, उनमें ओरी की कथित मौजूदगी का कौन-सा पक्ष सही है और कौन-सा नहीं, इसी की पुष्टि करना इस पूछताछ का मकसद होगा.

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हाई-प्रोफाइल जांचों में किसी भी बयान को तभी माना जाता है जब उसके पीछे ठोस इलेक्ट्रॉनिक या दस्तावेजी सबूत हों, इसलिए ओरी को समन भेजना सामान्य जांच प्रक्रिया का हिस्सा है.

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यह पूरा मामला फरवरी 2024 में तब शुरू हुआ था जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक महिला को 741 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) के साथ गिरफ्तार किया था. पूछताछ में महिला ने सांगली स्थित एक केमिकल फैक्ट्री का नाम बताया. जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्हें 122.5 किलो एमडी और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल मिला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपयों में आंकी गई. इस बरामदगी के बाद पुलिस को पता चला कि यह ड्रग्स नेटवर्क केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना तक फैला हुआ है.

जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क फरार ड्रग माफिया सलीम डोला के इशारों पर चलता था, जो कथित रूप से दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट से जुड़ा बताया जाता है. इस केस में गिरफ्तार प्रमुख आरोपी सोहेल शेख को पुलिस इस पूरे रैकेट का कोऑर्डिनेटर मानती है. उस पर आरोप है कि वह फैक्ट्रियों, पेडलर्स और सप्लाई चेन को जोड़ने का काम करता था.

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शेख ने पूछताछ में दावा किया कि वह भारत और विदेश में रेव पार्टियों का आयोजन करता था और इन्हीं में ड्रग्स की सप्लाई होती थी. उसने कुछ हाई-प्रोफाइल नाम भी लिए, जिनकी जांच अब पुलिस कर रही है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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