‘मैं गुड़ियों से खेलती थी और शादी हो गई’, मौसमी चटर्जी का खुलासा

मौसमी चटर्जी ने हाल ही में अपनी कम उम्र की शादी को लेकर बड़ा खुलासा किया. एक्ट्रेस ने बताया कि बुआ की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए परिवार ने जल्दबाजी में उनकी शादी कर दी थी.

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बुआ की वजह से 15 साल की उम्र में इस एक्ट्रेस ने कर ली थी शादी

बॉलीवुड की खूबसूरत और चुलबुली एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी की जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. एक तरफ उनकी फिल्में हिट हो रही थीं, दूसरी तरफ वो खुद अभी स्कूल की पढ़ाई और गुड़ियों की दुनिया में खोई हुई थीं. लेकिन तभी उनकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया जिसने सब कुछ बदल दिया. हाल ही में दिए इंटरव्यू में मौसमी ने खुलासा किया कि जब वो सिर्फ 15 साल की थीं और 10वीं क्लास में पढ़ रही थीं, तभी उनकी शादी हो गई थी. दिलचस्प बात ये है कि शादी के बाद भी उनका मन खिलौनों और गुड़ियाघर में ही लगता था. उन्होंने बताया कि उस दौर में उनके लिए रिश्तों की लाइन लगी रहती थी और हर कोई उन्हें अपनी बहू बनाना चाहता था.

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‘बालिका वधू' के बाद बदल गई जिंदगी

मौसमी चटर्जी ने बताया कि 1967 में आई फिल्म ‘बालिका वधू' ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी थी. इसी फिल्म के दौरान उनके परिवार और मशहूर संगीतकार हेमंत मुखर्जी के परिवार के बीच नजदीकियां बढ़ीं. मौसमी ने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद उनके पास शादी के कई रिश्ते आने लगे थे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सुबह से शाम तक लोगों की लाइन लगी रहती थी. इसी दौरान उनकी सगाई जयंत मुखर्जी से तय हुई.

बुआ की आखिरी इच्छा ने जल्द करवा दी शादी

मौसमी ने बताया कि उनकी बड़ी बुआ कैंसर की आखिरी स्टेज पर थीं और उनसे बेहद जुड़ी हुई थीं. बुआ की सिर्फ एक इच्छा थी कि वो मौसमी की शादी अपनी आंखों से देख लें. यही वजह रही कि परिवार ने ज्यादा इंतजार नहीं किया और सिर्फ एक महीने के अंदर शादी कर दी गई. मौसमी ने कहा कि उनके ससुर ने बुआ से वादा किया था कि वो ये शादी जरूर करवाएंगे और फिर जल्द ही सब कुछ तय हो गया.

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शादी के बाद भी गुड़ियाघर में बीतता था दिन

मौसमी चटर्जी ने बताया कि शादी के बाद भी वो पूरी तरह बच्ची जैसी थीं. मुंबई आने के बाद उन्होंने अपना छोटा सा गुड़ियाघर बनाया और दिनभर उसी में लगी रहती थीं. उन्होंने एक छोटा कुत्ता भी खरीदा था ताकि उन्हें अकेलापन महसूस न हो. मौसमी ने कहा कि उनके ससुराल वालों ने उन्हें कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी और हमेशा बेटी की तरह प्यार दिया.

फिल्मों में बनाया अलग मुकाम

मौसमी चटर्जी ने हिंदी और बंगाली सिनेमा में कई यादगार फिल्में दीं. ‘अनुराग', ‘रोटी कपड़ा और मकान', ‘अंगूर', ‘मंजिल' और ‘पीकू' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी लोगों को खूब पसंद आता है.

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