मनोज कुमार-साधना का राग पहाड़ी पर आधारित 62 साल पुराना गाना, पहले हुआ रिजेक्ट फिर लता की आवाज में रचा इतिहास, इसके बिना अधूरा था चित्रहार

आज हम ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. वह गाना है ‘लग जा गले कि फिर ये हसीन रात हो न हो’. इसकी धुन में मोहब्बत की तड़प, बिछड़ने का एक अनकहा डर है. यह बेहद रुहानी गाना है. करीब छह दशक बाद भी यह गाना खूब पसंद किया जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
राग पहाड़ी पर आधारित 62 साल पुराना गाना, मनोज कुमार-साधना पर फिल्माया गया
youtube
नई दिल्ली:

बॉलीवुड के कई ऐसे गाने हैं जो सदाबहार गाने (Evergreen Songs) हैं. वे कई दशकों बाद भी म्यूजिक लवर्स के दिलों पर राज करते हैं. खासकर क्लासिक सॉन्ग्स की क्रेज अब भी लोगों के दिलों में बरकरार है. उस समय के संगीतकारों नौशाद, आर. डी. बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, नदीम-श्रवण ने एक से बढ़कर एक गाने दिए जो लोगों के दिलों को छू गए. साहिर लुधियानवी, गुलजार, आनंद बख्शी द्वारा रचित गाने और लता मंगेशकर, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, और मुकेश जैसे महान गायकों की आवाजों ने इन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया है. 

आज हम ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. वह गाना है ‘लग जा गले कि फिर ये हसीन रात हो न हो'. इसकी धुन में मोहब्बत की तड़प, बिछड़ने का एक अनकहा डर है. यह बेहद रुहानी गाना है. करीब छह दशक बाद भी यह गाना खूब पसंद किया जाता है. यह गाना 1964 में आई फिल्म ‘वो कौन थी' का है, इसे गाया है लता मंगेशकर ने और संगीत दी है मदन मोहन ने.  राजा मेहदी अली खान ने दिल छू लेने वाले बोल लिखे हैं. 

यह भी पढ़ें- कानपुर के गीतकार के गाने पर बना डाली पूरी फिल्म, कुमार सानू-अनुराधा की आवाज में अमर, कॉलेज लवर्स की प्लेलिस्ट में टॉप पर

रिजेक्ट कर दिया गया था गाना 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गाने को पहले डायरेक्टर ने रद्दी कहकर रिजेक्ट कर दिया था. जीहां पहली बार में फिल्म के निर्देशक राज खोसला ने इस गाने को पसंद नहीं किया. राज खोसला को मदन मोहन ने ये गाना सुनाया. लेकिन उन्होंने इस गाने को रद्दी समझकर रिजेक्ट कर दिया था. हालांकि मदन मोहन को अपनी धुन पर भरोसा था. वह फिल्म हीरो मनोज कुमार के पास पहुंचे और उन्हें यह गाना गाकर सुनाया. उन्होंने कहा,  ‘मनोज जरा राज को समझाओ. यह धुन बहुत खास है, इसे एक बार फिर वह ध्यान से सुनें. मनोज कुमार को यह गाना पसंद आया और उन्होंने राज खोसला से दोबारा उस गाने को सुनने को कहा. मनोज कुमार के कहने पर राज खोसला ने दोबारा उस धुन को सुना तो वह हैरान थे. बाद में उन्हें यह गाना बेहद पसंद आया और उन्होंने फिल्म में लिया. 

Advertisement

राग पहाड़ी पर आधारित है गाना 

इस गाने के बोल ही नहीं, धुन भी बेहद खूबसूरत है. मदन मोहन ने इसे राग पहाड़ी पर तैयार किया. पहाड़ी संगीत में प्रकृति, दूरी, विरह और पुकार का भाव होता है. यह गाना खुशी के साथ एक हल्की उदासी भी देता है. 

यह भी पढ़ें- शृंगार रस पर आधारित जूही-आमिर का 33 साल पुराना गाना, दूल्हा दुल्हन, शादी, पार्टियों की जान, कुमार सानू-अलका याग्निक ने रचा इतिहास

Advertisement

फ्लॉप फिल्म बनी कल्ट  

गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से सजाया.  रिलीज के बाद लोगों को यह कुछ खास पसंद आई.  हालांकि समय के साथ यह गाना कल्ट साबित हुआ. लोगों ने इस गाने को बार बार सुना.  धुन को पहचाना और गहराई को महसूस किया. समय के साथ रेडियो, टेलीविजन और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह गाना पॉपुलर हो गया. 

‘वो कौन थी' फिल्म के बारे में 

यह फिल्म 1964 में रिलीज हुई था. यह एक मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्म ती. फिल्म में मनोज कुमार और साधना लीड रोल में थे. साधना के रहस्यमयी अंदाज को खूब पसंद किया गया. ‘लग जा गले' के अलावा ‘नैना बरसे रिमझिम रिमझिम' और ‘जो हमने दास्तां अपनी सुनाई' जैसे गीत काफी पसंद किए गए. 

Topics mentioned in this article
Lag Ja Gale Lata Mangeshkar
Lag Ja Gale Movie
Lag Ja Gale Song
Lag Ja Gale Song Making
Lag Ja Gale Trivia