बॉलीवुड की ‘धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी शानदार एक्टिंग के लिए ही नहीं, बल्कि जबरदस्त डांस और एक्सप्रेशन के लिए भी जानी जाती हैं. 80 और 90 के दशक में उनका हर गाना सिनेमाघरों में धूम मचा देता था. खासतौर पर 1988 में रिलीज फिल्म ‘तेजाब' का सुपरहिट गाना ‘एक दो तीन' आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. इस गाने में माधुरी का एनर्जी से भरपूर डांस और उनके एक्सप्रेशन ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था. थिएटर में इस गाने के हर बीट पर सीटियां और तालियां गूंजती थीं.
पैर से खून निकलने की थी नौबत
फिल्म ‘तेजाब' के इस आइकॉनिक गाने को मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने तैयार किया था, जबकि इसे अलका याग्निक ने अपनी आवाज दी थी. एक इंटरव्यू में माधुरी दीक्षित ने खुलासा किया था कि इस गाने की शूटिंग बेहद मुश्किल थी. उन्होंने बताया कि लगातार रिहर्सल और शूटिंग के चलते उनके पैरों से खून निकलने की नौबत आ गई थी. हालांकि उन्होंने कहा कि खून निकला नहीं, लेकिन इतना थकाऊ डांस जरूर था कि ऐसा हो सकता था.
लाइव ऑडियंस से भरा था स्टूडियो
माधुरी ने यह भी बताया कि निर्देशक एन. चंद्रा ने गाने को भव्य बनाने के लिए महबूब स्टूडियो को पूरी तरह भर दिया था. शुरुआत में कुछ ही जूनियर आर्टिस्ट थे, लेकिन बाद में उन्होंने सड़क से गुजर रहे लोगों को भी अंदर बुला लिया. इस तरह गाने में असली ऑडियंस का माहौल बनाया गया, जिससे इसकी एनर्जी और भी बढ़ गई.
24 घंटे में पूरा हुआ था शूट
गाने की शूटिंग का आखिरी दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा. माधुरी ने बताया कि पूरा गाना खत्म करने के लिए उन्होंने करीब 24 घंटे लगातार काम किया. सुबह साढ़े 10 बजे जाकर शूट खत्म हुआ. थकान के बावजूद उन्होंने शूट पूरा किया. यहां तक कि जब उन्होंने थकान की बात कही, तो निर्देशक ने क्लोजअप की बजाय लॉन्ग शॉट लेने का फैसला किया और इसी तरह यह आइकॉनिक गाना पूरा हुआ. आज 38 साल बाद भी ‘एक दो तीन' का क्रेज कम नहीं हुआ है और माधुरी दीक्षित का यह डांस नंबर बॉलीवुड के सबसे यादगार गानों में गिना जाता है.