वेटरन फिल्म मेकर एम. एम. बेग का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. वे हिंदी सिनेमा में अपने योगदान के लिए जाने जाते थे. इसके साथ ही वे चाइल्ड आर्टिस्ट बेबी गुड्डू (शाहिंदा बेग) के पिता के रूप में वे जाने जाते थे. उनकी मौत की खबर उनके पब्लिसिस्ट हनीफ जावेरी ने दी है, जिससे फिल्म जगत में शोक की लहर फैल गई है. एम. एम. बेग काफी समय से बीमार थे और मुंबई में अकेले रहते थे. चार-पांच दिनों तक वे घर से बाहर नहीं निकले, इसके चलते पड़ोसियों को उनके घर से तेज दुर्गंध आने लगी. उन्होंने पुलिस को खबर दी.
पुलिस दरवाजा खोलकर अंदर घुसी तो बेग का शव मिला. इसके बाद उनकी बेटी को जानकारी दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया (रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच). हनीफ जावेरी ने उनकी आत्मा की शांति की कामना की.
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फिल्म करियर की बात करें तो एम. एम. बेग ने हिंदी सिनेमा में लंबा समय बिताया. उन्होंने जे. ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन जैसे बड़े डायरेक्टर के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर शुरुआत की. 1980-90 के दशक में उन्होंने कई कमर्शियल फिल्मों में योगदान दिया, जैसे ‘आदमी खिलौना है', ‘जैसी करनी वैसी भरनी', ‘कर्ज चुकाना है', ‘काला बाजार' और ‘किशन कन्हैया'. वे ‘रजिया सुल्तान' जैसी फिल्मों से जुड़े रहे और ‘छोटी बहू' को डायरेक्ट भी किया.
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रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ऋतिक रोशन को उनके फिल्म डेब्यू से पहले डिक्शन, वॉइस कंट्रोल और डायलॉग डिलीवरी में मदद की थी. हालांकि आम दर्शकों में उनका नाम उतना पॉपुलर नहीं रहा, लेकिन इंडस्ट्री के अंदर वे अपने शांत स्वभाव और डेडिकेशन के लिए जाने जाते थे.