कुमार सानू ने अपनी आवाज से 90 में धूम मचा दिया था. उनके गाने फैंस के दिलों पर राज करते थे. आज हम कुमार सानू के जिस गाने के बारे में बात करने जा रहे हैं, वह 36 साल पुराना गाना है. इसे विनोद खन्ना और मीनाक्षी शेषाद्री पर फिल्माया गया था. गाने के बोल थे “जब कोई बात बिगड़ जाए.” यह 1990 में आई फिल्म 'जुर्म' का गाना है. इसे कुमार सानू के साथ साधना सरगम ने गाया था.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मशहूर गाने के बोल ओरिजनल नहीं है. जीहां यह गाने एक विदेशी गाने से प्रेरित है. यह गाना 1978 में रिलीज हुए अंग्रेजी गाना “व्हेन आई नीड यू” से प्रेरित है, जिसे अल्बर्ट हैमंड और कैरोल बायर सेगर ने लिखा था और मूल रूप से लियो सेयर (1977) ने रिकॉर्ड किया था. हिंदी गाने की धुन, कॉर्ड प्रोग्रेशन और कुल बनावट काफी हद तक “व्हेन आई नीड यू” जैसी ही है.
हिंदी वर्जन के क्रेडिट और जानकारी में गीतकार इंदीवर और संगीतकार अनु मलिक का नाम है, लेकिन “व्हेन आई नीड यू” के साथ धुन की समानता साफ तौर पर देखी जा सकती है और कई लोगों ने इस पर ध्यान दिया. पद और कोरस की धुन का उतार-चढ़ाव एक जैसा है. कॉर्ड प्रोग्रेशन और हार्मोनिक रिदम एक जैसे हैं. फ्रेजिंग और इमोशनल बैलेड अरेंजमेंट भी मिलते-जुलते हैं.
उस दौर में बॉलीवुड अक्सर हॉलीवुड धुनों से प्रेरित या सीधे तौर पर कॉपी कर गाने बनाता था. कुछ के लिए आधिकारिक लाइसेंस लिया जाता था, जबकि कई के लिए नहीं.
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जुर्म की कहानी
जुर्म की कहानी पुलिस इंस्पेक्टर शेखर वर्मा (Vinod Khanna) और उनकी अपनी पत्नी मीना ( Meenakshi Sheshadri ) के इर्द-गिर्द घुमती है. वे अपनी बेटी के साथ खार, बॉम्बे में रहते हैं. उनके कार्यालय को सूचित किया जाता है कि संपादक रितेश नंदी को जान से मारने की धमकी मिली है, क्योंकि उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं जो कुछ बहुत प्रभावशाली लोगों को बेनकाब करेंगे. रितेश को पुलिस सुरक्षा दी जाती है, हालांकि, उसकी मौत हो जाती है. एक बेहद खूबसूरत महिला, गीता साराभाई(Sangeeta Bijlani), रितेश की मौत की गवाह के रूप में सामने आती है, लेकिन हमलावर की पहचान करने में असमर्थ होती है. जब उसे मौत की धमकियां मिलने लगती हैं, तो शेखर और इंस्पेक्टर प्रमोद कदम उसकी रक्षा करने के लिए बारी-बारी से आते हैं.
शेखर और गीता एक-दूसरे के प्यार में पड़ जाते हैं और मीना को शक होने लगता है कि शेखर का अफेयर चल रहा है. वह उसे यह स्वीकार करवाने के लिए कहती है, और अपने पिता के साथ रहने के लिए बाहर चली जाती है. फिर गीता की रक्षा करने की कोशिश करते समय प्रमोद गंभीर रूप से घायल हो जाता है और अस्पताल में भर्ती हो जाता है. शेखर को जल्द ही पता चल जाएगा कि रितेश की हत्या उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों से जुड़ी हुई है. अब वह गीता को छोड़ना चाहता है और अपनी पत्नी मीना और बेटी की रक्षा करना चाहता है.