किशोर कुमार अपनी अलग तरह की सिंगिंग स्टाइल के लिए जाने जाते थे. उन्होंने रोमांटिक से लेकर फनी तक हर तरह के गाने गाए और पब्लिक का दिल जीता. किशोर सिंगिंग में -तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट के लिए भी जाने जाते थे. गाने का मूड सेट करने के लिए वह खुद भी पूरी तरह उसमें घुस जाया करते थे. एक्टर तो वे शानदार थे ही ऐसे में रोल प्ले करते हुए गाने को गाना भी उनका एक हटके अंदाज था. आज हम जिस गाने की चर्चा कर रहे हैं उसकी रिकॉर्डिंग के दौरान वह साइकिल लेकर स्टूडियो पहुंच गए थे.
किस गाने की शूटिंग के दौरान साइकिल लेकर स्टूडियो पहुंचे थे किशोर?
हम बात कर रहे हैं 1977 में आई राजेश खन्ना की फिल्म 'पलकों की छांव में' की. इस फिल्म का गाना 'डाकिया डाक लाया' काफी पॉपुलर हुआ था. इस गाने में एक्टर पूरे गाने में साइकिल चलाते हुए चिट्ठियां बांटते नजर आ रहे हैं. कहीं किसी का हालचाल ले लेते हैं तो कहीं किसी की चिट्ठी लिखने बैठ जाते हैं. गाने के इस मूड को कैप्चर करने के लिए किशोर कुमार ने एक अलग तरीका निकाला जिसे देख सभी हैरान रह गए.
साइकिल क्यों लेकर गए थे किशोर कुमार?
किशोर कुमार के साथ जब तय हुआ कि भई इस दिन गाना रिकॉर्ड किया जाना है तो सिंगर स्टूडियो में साइकिल लेकर पहुंच गए. उन्हें साइकिल के साथ देख वहां मौजूद दूसरे लोग सोच में पड़ गए. जब उनसे पूछा गया कि आखिर वे साइकिल क्या सोचकर लाए हैं तो उन्होंने कहा गाना डाकिया पर फिल्माया गया है. इस गाने में रियल फील लाने के लिए वह इसी मूड में इसे गाना चाहते हैं और साथ ही बीच बीच में घंटी का भी इस्तेमाल करेंगे. ये किस्सा जानने के बाद जब आप ये गाना सुनेंगे तो वो साइकिल की घंटी की आवाज जरूर नोटिस कर पाएंगे.
किशोर कुमार ने कितने गाने गए थे?
लेजेंड्री सिंगर किशोर कुमार ने अपने पूरे करियर में 2700 से ज्यादा गाने गए. उन्होंने हिंदी, बंगाली, मराठी और गुजराती समेत तमाम भाषाओं में सिंगल और डुएट गाने गाए. किशोर ने पहला गाना साल 1948 में आई फिल्म जिद्दी के लिए गाया था. ये गाना था 'मरने की दुआएं क्यों मांगूं'. किशोर ने केवल सिंगिंग ही नहीं एक्टिंग की दुनिया में भी खूब नाम कमाया. चलती का नाम गाड़ी, पड़ोसन, झुमरू, हाफ टिकट उनकी कुछ यादगार फिल्मों में से एक हैं.
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