प्यार, इश्क, मोहब्बत और रोमांस... हिंदी फिल्मों की सबसे पसंदीदा थीम हमेशा से यही रही है. इश्क हुआ तो इकरार भी हुआ, जुदाई भी आई और टूटे दिल का दर्द भी पर्दे पर खूब छलका. ऐसे किस्सों में शराब भी अक्सर एक अहम किरदार बनकर सामने आई. यही वजह है कि बॉलीवुड में प्यार और शराब पर न जाने कितने यादगार गीत बने जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं. लेकिन आज हम ऐसे गाने की बात कर रहे हैं जिसके बोल एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमते हैं जिसे न प्यार में दिलचस्पी है और न शराब में. जितेंद्र, पद्मा खन्ना और प्राण पर फिल्माए गए इस गीत को किशोर कुमार और अमित कुमार ने अपनी आवाज दी थी.
किशोर कुमार और अमित कुमार की जुगलबंदी
यह गीत 1981 में रिलीज हुई फिल्म 'खून का रिश्ता' का है. 'अरे प्यार भी नहीं, शराब भी नहीं...' बोल वाले इस गाने को किशोर कुमार और उनके बेटे अमित कुमार ने अपनी आवाज दी थी. इसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे, जबकि संगीत की जिम्मेदारी कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने संभाली थी. फिल्म में जितेन्द्र के साथ नीतू सिंह लीड रोल में नजर आई थीं.
गाने की पहली लाइन ही बन गई इसकी पहचान
'अरे प्यार भी नहीं, शराब भी नहीं...' सुनते ही ऐसा लगता है जैसे किसी ऐसे शख्स की बात हो रही है, जिसे जिंदगी की किसी खुशी से कोई मतलब नहीं. पूरे गाने में उसके इसी मिजाज को बदलने की कोशिश की जाती है. आखिर में वही किरदार 'प्यार भी सही, शराब भी सही...' गाता नजर आता है.
'खून का रिश्ता' भले ही उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल न रही हो, लेकिन इसके गाने आज भी पुराने संगीत प्रेमियों के बीच सुने जाते हैं. खासकर 'अरे प्यार भी नहीं, शराब भी नहीं...' अपनी अलग थीम, किशोर कुमार और अमित कुमार की जुगलबंदी, मजरूह सुल्तानपुरी के बोल और कल्याणजी-आनंदजी के संगीत की वजह से आज भी याद किया जाता है.
यह भी पढ़ें: दूरदर्शन की रामयाण का ये एक्टर, 13 साल की उम्र में हुई शादी, सातवीं में छूटी पढ़ाई और 64 की उम्र में मिला फेम