धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुए कॉमेडियन कपिल शर्मा, बोले- उनका जाना जैसे दूसरी बार पिता को खो देना है

हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया. पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोक में है, लेकिन कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा के लिए यह केवल एक स्टार का जाना नहीं था. यह एक पिता-समान रिश्ते का बिछड़ना था.

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धर्मेंद्र को अपने पिता की तरह मानते थे कपिल शर्मा
नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया. पूरी फिल्म इंडस्ट्री शोक में है, लेकिन कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा के लिए यह केवल एक स्टार का जाना नहीं था. यह एक पिता-समान रिश्ते का बिछड़ना था. अपनी फिल्म किस किस को प्यार करूं 2 के ट्रेलर लॉन्च के दौरान कपिल ने धर्मेंद्र के साथ जुड़ी यादें साझा करते हुए भावुक हो गए. कपिल ने बताया कि उनके करियर के सबसे अहम मोड़ों में धर्मेंद्र का हाथ रहा. जब ‘द कपिल शर्मा शो' की पहली बार प्लानिंग हो रही थी, टीम के सामने कई चुनौतियां थीं. शो नया था, कोई नहीं जानता था कि यह कैसा होगा और पहले गेस्ट के रूप में कोई भी आने को तैयार नहीं था.

इसी बीच एक संयोग ने उनकी जिंदगी बदल दी. एक फ्लाइट में कपिल की मुलाकात धर्मेंद्र से हो गई. कपिल हँसते हुए याद करते हैं, “पूरी फ्लाइट उन्होंने हमें चुटकुले सुनाकर हंसाया. उतरते-उतरते हम इतने अच्छे दोस्त बन गए थे कि लगा जैसे बरसों से जान-पहचान हो.” इस मुलाकात के बाद कपिल ने हिम्मत जुटाई और धर्मेंद्र से अपने शो के पहले एपिसोड में आने का अनुरोध किया. धर्मेंद्र ने न कोई सवाल किया, न कोई संकोच दिखाया. बस अपने स्टाफ को कहा, “ये मेरा बेटा है, इसे किसी तरह एक तारीख दे दो.” उस समय उनकी अपनी फिल्म रिलीज होने वाली थी, शेड्यूल काफी व्यस्त था, लेकिन पिता जैसा स्नेह उनके फैसले में झलक रहा था.

कपिल की आवाज उस पल भर्रा जाती है जब वह बताते हैं कि उनके पिता का निधन तब हुआ था जब वह मात्र 22 साल के थे. “उस उम्र में पिता की जरूरत सबसे ज्यादा होती है,” उन्होंने कहा. धर्मेंद्र ने वह कमी हमेशा पूरी की- अपने स्नेह, अपने आशीर्वाद और अपनी सरलता से. धर्मेंद्र के जाने पर कपिल बोले, “ये ज़िंदगी की सच्चाई है कि सबको एक दिन जाना होता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं कि दिल हमेशा चाहता है… बस थोड़ा और समय मिल जाए, एक बार और मुलाकात हो जाए. धरम जी वैसी ही शख़्सियत थे. राजा की तरह जिए, और दिलों में राज कर के गए.” कपिल ने अंत में मुस्कुराकर कहा, "धरम पा जी को याद करूं तो दिल हमेशा गर्माहट से भर जाता है. ऐसी शख़्सियत दोबारा कभी नहीं आएगी".

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