काला हिरन फिल्म विवाद में नया ट्विस्ट, फिल्म में वकील का किरदार निभा रहे अभिनेता गोविंद नामदेव ने हाल ही में एक बयान दिया था कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने उन्हें धोखे में रखा और उन्हें पता ही नहीं था कि यह फिल्म सलमान खान केस से प्रेरित है. उनके इस बयान के बाद फिल्म के निर्माता अमित जानी ने उन्हें एक नोटिस भेज दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंद नामदेव ने जो अमित जानी की फिल्म कंपनी के साथ करार किया है, उसका उल्लंघन किया है. इस मुद्दे पर एनडीटीवी ने उनसे खास बातचीत की.
जब उनसे पूछा गया कि गोविंद नामदेव कह रहे हैं कि आपने उन्हें धोखे में रखा और नहीं बताया कि काला हिरन की कहानी किस विषय पर है, तो उन्होंने कहा —
जवाब: निप्पल लगा है उनके मुंह में, दूध पीते बच्चे हैं वो, अभी तक बड़े नहीं हो पाए हैं. तो इसलिए वो ऐसी बातें कर रहे होंगे. अरे एक एक्टर इतना बड़ा है, उसको पूरी स्क्रिप्ट दी गई, कहा इसे पढ़ लो. उन्होंने पढ़ा और पढ़ने से पहले सिनोप्सिस पढ़ा. सिनोप्सिस के बाद जो है कैरेक्टर स्केच पढ़ा, फिर पूरी स्क्रिप्ट पढ़ी और स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद वो 5 दिन लगातार हमारे यहां रुके हैं, दिन-रात उन्होंने जो है वैनिटी में बैठके, होटल कमरे में बैठके स्क्रिप्ट पढ़ी है और वहां जब वो अभिनय कर रहे हैं, कोर्ट रूम में खड़े होकर वकील का, बिश्नोई समाज की तरफ से वकील बने हैं, तो उन्हें नहीं पता वो किसके खिलाफ मुकदमा लड़ रहे हैं, किसको सजा दिलाना चाहते हैं? वो जो हाथ में ब्रेसलेट पहने व्यक्ति खड़ा है अयान खान, वो कौन है? और यह कहानी जो है, वो काकाणी के हिरण शिकार की है, यह तो वो मुंह से ही बोल रहे हैं. बाकी हजारों डायलॉग ऐसे हैं जिनको हम रिवील नहीं कर सकते, जो वो बोल रहे हैं, जो फिल्म में ही दिखाई देंगे जी तो ऐसा तो यह नहीं कह सकते हैं कि उन्हें नहीं पता था.
"यह गलत बयानबाजी उनकी जो है, उन्हें दुख देगी जो वो कर रहे हैं. इन्हें या तो धमकी मिल गई है सलमान खान के किसी शेरा-पेरा ने फोन कर दिया उनको कि बेटा तुम बहुत उछल रहे हो, या दूसरा फिर इन्होंने सोचा कि उधर से तो पेमेंट ले लिया, चेक ले लिया, वहां तो काम हो ही गया मेरा. अब जो है मैं एक काम करता हूं कि अब मैं सलमान खान का भी भला बन जाता हूं. तो नंबर बनाने के लिए एक ऐसे व्यक्ति को जिसकी क्रेडिबिलिटी होनी चाहिए थी, उसने बता दिया कि उसके अंदर रीढ़ की हड्डी नहीं है. मैंने इसीलिए कहा, बार-बार कह रहा हूं मैं कि अगर आप जो है मीडिया में इस तरह के बयान दे रहे हो, तो इससे पहले आपको एक बार जो आपने-हमने करार किया है, एग्रीमेंट जो हमारा-आपका है, उसे पढ़ लिया होता. एग्रीमेंट में लिखा है कि आप समय पर जब हम आपको बुलाएंगे प्रोजेक्ट में, तब आप आएंगे. एग्रीमेंट में लिखा है कि आप कभी भी शूट से, बैलेंस जो बचा है कंटिन्यूटी का, उससे इंकार नहीं करेंगे. एग्रीमेंट में लिखा है कि शूटिंग के बाद आपको डबिंग के समय पर स्टूडियो में आना पड़ेगा. एग्रीमेंट में लिखा है कि आपको 5 दिन प्रमोशन के लिए देने पड़ेंगे. यानी आपको मीडिया में बैठके, पॉडकास्ट में बैठके, न्यूज चैनलों पर बैठके, प्रीमियर में बैठके 100 बार कहना पड़ेगा कम से कम कि "मैं इस मूवी के साथ हूं""
"उसकी प्रमोशनल एक्टिविटी के लिए हम आपको जब बुलाएंगे, फोटोशूट के लिए और इंटरव्यूज के लिए, आपको आना पड़ेगा. उसमें एक लाइन और लिखी है कि आपके द्वारा किसी भी तरह से कोई भी ऐसा शब्द, कोई भी ऐसा भाव किसी भी प्लेटफार्म पर नहीं बोला जाएगा जिससे फिल्म की प्रोडक्शन की डिफेम होती हो, उसकी डिग्निटी जो है उसको नुकसान होता हो. आपने वही सब कर दिया जो एग्रीमेंट में लिखा था, उसके खिलाफ जो भी है वो आपने कर दिया.
सवाल: बट मुझे यह बताइए कि जब इन्होंने स्क्रिप्ट पढ़ी होगी, जब इन्होंने स्क्रिप्ट पढ़ी थी और सिनोप्सिस पढ़े थे, तो उन्होंने क्या आपसे पूछा था कि यह फिल्म सलमान खान के काला हिरन के ऊपर है या कुछ पूछा था ऐसा?
जवाब: हां, उन्होंने पूछा था ऑनेस्टली कि "यह तो वो घटना है 1998 की, काकाणी शिकार वाली? दो काले हिरनों का शिकार हुआ था?" "बिल्कुल वही घटना है", मैंने कहा. "यह बिश्नोई समाज की लड़ाई है. बिश्नोई समाज ने जो 1998 से लेकर 2018 तक, 20 साल तक कोर्ट में संघर्ष किया है, उसमें आप बिश्नोई समाज की तरफ से वकील महिपाल जी थे. लेकिन आप जो हैं, फिल्म के अंदर, आप जो हैं बिश्नोई समाज के वकील हैं और आपको देश भर के जितने वकील सलमान खान के आएंगे, सबसे लड़ना है अकेले को." तो उन्होंने कहा, "ठीक है, तो यह लड़ाई तो एक फिल्म में नहीं हो पाएगी क्योंकि आपकी फिल्म तो कोर्ट रूम ड्रामा नहीं है, क्राइम और थ्रिलर भी है." तो हमने कहा, "इसके लिए 'काला हिरन 2' भी आएगी, सीक्वल भी आएगा." तो उन्होंने कहा, "सीक्वल के लिए किसे साइन करेंगे?" मैंने कहा, "यह मजबूरी हमारी है कि सीक्वल के लिए हम उसी को साइन करेंगे जिसका कैमियो इस फिल्म में होगा. हम कैसे बदल देंगे? 'दृश्यम' में अगर अजय देवगन हैं तो 2 में भी हैं, 3 में भी हैं."
तो उन्होंने कहा कि "दूसरी का एग्रीमेंट भी करिए. जब तक अगर सलमान खान को सजा हो जाएगी, तो वो सजा दिलाने वाला भी मैं रहूंगा." बहुत एक्साइटेड थे! कि अयान खान को यानी सलमान खान को, जैसा मतलब प्रेडिक्शन है लोगों का, अगर सजा हो जाएगी तो सजा दिलवाने वाला वकील कौन रहेगा? अगर हाई कोर्ट से जो है सजा हो गई, अभी जो हाई कोर्ट में मामला चल रहा है, 13 जुलाई लगी है जोधपुर हाई कोर्ट में, राजस्थान हाई कोर्ट में, उसमें अगर सजा हो गई तो वो सजा दिलवाने वाला वकील कौन है? वो भी तो कैरेक्टर मेरा है. तो 'काला हिरन' और 'काला हिरन 2', दोनों एग्रीमेंट साइन करके, दोनों फिल्मों का पैसा लेके, चेक लेके एक आदमी जो है मुंबई पहुंचते ही कहता है कि "मुझे तो पता ही नहीं था."
इसका मतलब उस व्यक्ति को जो है, वो जो एथिक्स है कलाकार का, कि वो फिल्म के बारे में नहीं बोलेगा, वो प्रोजेक्ट के बारे में नहीं बोलेगा, उसको राइट ही नहीं है एक्चुअली बोलने का, उसके बाद भी उन्होंने यह किया जिससे हमारा बहुत नुकसान हुआ है.
सवाल: आप कह रहे हैं 'काला हिरन 2' के लिए भी उन्होंने आपसे एडवांस ले लिया है?
जवाब: हां, 'काला हिरन'... अरे सर, उनके साथ जो हमारा एग्रीमेंट है, वो 'काला हिरन' के लिए नहीं है, 'काला हिरन' का सीक्वल जो है 'काला हिरन 2', उसके लिए भी है. वही तो मैं बता रहा हूं. ऐसा नहीं है कि आपने जो है गन्ने की एक पोरी जो है चूस ली, आप पूरा गन्ना खा गए. उसके बाद आप कह रहे हैं कि "यह तो जमीन में उगता है, मुझे पता ही नहीं चला. इसको शुगरकेन कहते हैं, मुझे पता ही नहीं चला."
सवाल: मुझे यह बताइए कि जब से उन्होंने वो बयान दिया है, आपकी उनसे बात हुई है इस बारे में कुछ?
जवाब: मैंने उनसे बात करने की कोशिश करी, दो बार उन्हें फोन किया, दोनों बार उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया. फिर उन्होंने व्हाट्सएप पर मुझसे कहा कि "यह अमित जी, क्या है? आपने मुझे नोटिस भेज दिया है." मैंने कहा, "बिल्कुल भेज दिया है नोटिस, क्यों नहीं नोटिस भेजेंगे?" तो उन्होंने कहा कि "मैं अगर... मुझसे पूछ तो लेते एक बार. वो तो मेरा बयान उन्होंने जो है, बहुत ही तोड़-मरोड़ के छापा है. अमर उजाला को मैंने सिर्फ बोला था कि मेरा बयान जो है आप ऐसे मत छापिएगा. लेकिन उन्होंने अपनी प्रेडिक्शन लगाके, अपनी चीजें लगाके बना दिया. मैंने तो ऐसा कुछ नहीं बोला."
"और मुझसे वो व्हाट्सएप चैट में यह भी कह रहे हैं कि "मेरे को पहले दिन से पता था कि यह मूवी सलमान खान वाली हिरण केस वाली मूवी है, उससे इंस्पायर्ड है 1998." वो मुझसे कह रहे हैं. लेकिन मैं चूंकि, मैं तो प्राइवेसी लीक नहीं कर सकता, मैं तो चैट... मैं इतना हल्का आदमी नहीं हूं. चैट अगर मैं उनकी और मेरी चैट अगर मार्केट में फेंक के मार दूं, अभी सोशल मीडिया पर, तो सबको पता चल जाएगा कि गोविंद नामदेव मतलब कितने बड़े झूठे हैं. अभी पता चल जाएगा सबको, लेकिन मैंने वो चैट नहीं दी क्योंकि मैं प्राइवेसी का जो राइट है, उसको जानता हूं."
सवाल: आपने नोटिस क्या भेजा उनको?
जवाब: मैंने उनको नोटिस में यही सब लिखा कि "आपने जो है एग्रीमेंट का वाइलेशन किया है. आप जो है इस तरह से मीडिया के सामने जो है किसी भी प्रोजेक्ट के खिलाफ, जिसमें आपने काम किया है, जिससे आप बंधे हुए हैं, जिसमें आपको भी 20 बार और आना पड़ेगा डबिंग में, प्रीमियर में, इसमें, उसमें, प्रमोशनल एक्टिविटी में, आप ऐसा नहीं कर सकते और अगर आपने ऐसा किया है और आप कह रहे हैं कि 'मैंने प्रोजेक्ट से पल्ला झाड़ लिया है अपना, प्रोजेक्ट से पिंड छुड़ा लिया है अपना', तो इसका मतलब आप नहीं आएंगे, तो हमें वो शूट दोबारा करना पड़ेगा. तो आप जो है फिलहाल जो हमें मानहानि हुई है, जो हमारा नुकसान हुआ है, जो हमें हैरासमेंट हुआ है आपकी बातों से, उसके लिए आप कंपनसेशन के तौर पर जो है ₹50 लाख तो प्रोडक्शन हाउस को पे करिए." और विदिन 7 डेज आप जो है सार्वजनिक रूप से अपोलॉजी, माफी मांगिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर, ANI के साथ, जिस भी चैनल के साथ आप बैठ जाइए, न्यूज एजेंसी के साथ बैठ जाइए, अभी माफी मांगिए. तो वो माफी मांग रहे हैं व्हाट्सएप ग्रुप... व्हाट्सएप पर मांग रहे हैं माफी. वो कह रहे हैं, "हां, गलत है. हां, ठीक है. मैं चार लाइन लिख के दे दूंगा, कोई बात नहीं. मैं तो आप ही के साथ हूं. जैसा प्रोडक्शन चाहेगा वैसा मैं करूंगा." मैंने कहा, "ना, ना, ना, ना, यह व्यक्तिगत मामला नहीं रहा कि मुझे आप व्यक्तिगत रूप से... या तो आपने मुझे व्यक्तिगत रूप से कहा होता."
सवाल: पर्सनल चैट पर माफी मांगी है उन्होंने आपसे?
जवाब: हां, पर्सनल चैट पर माफी मत मांगिए. पर्सनल चैट पर जो है यह मत कहिए कि "नहीं, नहीं, ऐसा मत करिए, मैं तो ऐसा नहीं हूं." आपको... आपका बयान अगर अमर उजाला ने गलत तरीके से छापा है, तो आप आकर सार्वजनिक मंच पर कहिए कि "अमर उजाला से मैंने नहीं कहा कि मैं सलमान खान के साथ हूं." मैं... और मुझसे एक बात और कह रहे हैं कि "मैं लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ हूं. मैं लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ हूं." तो मैंने कहा, "मेरी मूवी में लॉरेंस बिश्नोई है ही नहीं." मेरी मूवी में लॉरेंस बिश्नोई है ही नहीं, आप इतने बड़े कलाकार हैं, आप फिक्शन नहीं समझते फिक्शन क्या होता है? मेरी मूवी में ना सलमान खान है, ना लॉरेंस बिश्नोई है. आप बार-बार क्यों "लॉरेंस-लॉरेंस" कर रहे हैं? कह रहे हैं, "आपका लायन ही लॉरेंस है और उसमें ऐसा दिखाया गया है कि लायन जो है, वो दाऊद का बाप है." हमने कहा, "इसका मतलब आप दाऊद के साथ हैं?" तो बताइए, स्पष्ट करें ना गोविंद नामदेव कि वो हमारा जो फिक्शनल कैरेक्टर है, काल्पनिक किरदार है लायन बिश्नोई, उसके विरोधी हैं कि या दाऊद इब्राहिम के समर्थक हैं? तो यह जो कलाकार, असल में क्या है सर, बॉलीवुड जो है आज तक दबाव में रहा है अंडरवर्ल्ड के. अब नया-नया सिस्टम शुरू हुआ है दोबारा से. कोई जो है लायन को दिखा देता है, कोई अतीक अहमद को दिखा देता है, कोई 26/11 दिखा देता है. तो अभी हजम नहीं हो रहा है और धीरे-धीरे जो है, यह सब पटरी पर आ जाएंगे. और जो यह कोर्ट में खड़े होकर वो जो फिल्म की कोर्ट थी, उसमें खड़े होकर जो अभिनय कर रहे थे वकील का, अभिनय जो है चार दिन बाद में एक्चुअल वकील कैसे जिरह करते हैं और असली कोर्ट कैसी होती है, नोएडा की, वो दिखा दूंगा.
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