विवादित फिल्म ‘काला हिरण' को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद फिल्म के निर्देशक भारत श्रीनेत ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि अदालत में सुनवाई मुख्य रूप से उन प्रमोशनल कंटेंट और पॉडकास्ट को लेकर हुई, जिनमें सलमान खान का नाम और फिल्म को उनसे जोड़कर पेश किए जाने का मुद्दा उठा. उन्होंने दोहराया कि उनकी फिल्म सलमान खान पर आधारित नहीं है और वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.
सलमान खान पर नहीं है काला हिरण
भारत श्रीनेत ने कहा, “जो भी बातें पॉडकास्ट में कही गई थीं, वे पुराने संदर्भ में थीं. नवंबर 2025 में सलमान खान को पर्सनैलिटी राइट्स मिलने के बाद हमने कभी यह दावा नहीं किया कि यह फिल्म उन पर आधारित है. निर्देशक के मुताबिक, आज की सुनवाई प्रमोशनल कंटेंट और पॉडकास्ट से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही. उन्होंने कहा कि अदालत ने जिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कंटेंट को लेकर निर्देश दिए हैं, उन्हें हटाने का काम संबंधित प्लेटफॉर्म करेगा.
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'मुझे भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है'
भारत श्रीनेत ने कहा, “अगर मेटा को कंटेंट हटाना है तो वह उसका काम है. लेकिन एक फिल्ममेकर के तौर पर मुझे भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है. हमारा मानना है कि हमें सिनेमा बनाने और अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘काला हिरण' पूरी तरह एक काल्पनिक फिल्म है और इसका सलमान खान से कोई संबंध नहीं है. उनके मुताबिक, फिल्म को पहले सीबीएफसी के पास प्रमाणन के लिए भेजा जाएगा और उसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट जाएंगे काला हिण के डायरेक्टर
भरत श्रीनेत ने कहा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन फिल्म बनाने के अपने अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे. उन्होंने कहा, “हमारा किसी व्यक्ति विशेष से कोई विवाद नहीं है. हमारा मुद्दा केवल ‘काला हिरण' फिल्म और उसे बनाने के अधिकार का है.” उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की रिलीज़ की तैयारियां जारी रहेंगी और कानूनी लड़ाई भी साथ-साथ लड़ी जाएगी. उनके अनुसार, उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि एक काल्पनिक कहानी को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करना है.