बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी जिंदगी के उस मोड़ को याद किया, जो उनकी फिल्म 'कांटे' की रिलीज के ठीक बाद आया. उन्होंने मार्कस ऑरेलियस के कोट का हवाला दिया, 'खुद को मरा हुआ समझो, फिर जो बचा है, उसे सही ढंग से जियो.' इस पोस्ट के जरिये संजय गुप्ता ने बताया है कि कैसे कांटे की रिलीज के बाद कैसे वो एक बड़े हादसे का शिकार हो गए थे. उन्होंने इस पोस्ट में उस संघर्षपूर्ण सफर को याद किया है.
एक्स पर बताई आपबीती
संजय गुप्ता ने अपनी एक्स पोस्ट में कोट के बाद लिखा है, 'कांटे की रिलीज के बाद मेरा एक्सिडेंट हो गया. लीलावती अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि शुरुआत के 72 घंटे बहुत ही क्रिटिकल है. मैं बच गया. एक जिंदगी तो लगभग खत्म हो चुकी थी. उसके बाद जो भी मिला, वो सब बोनस है. मैं इसे बोनस की तरह ही जीता हूं.'
क्या हुआ था 2002 में?
संजय गुप्ता की मशहूर फिल्म कांटे 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव, लकी अली और मलाइका अरोड़ा लीड में थे. ये फिल्म हॉलीवुड की 'रिजर्वायर डॉग्स' से प्रेरित थी. लॉस एंजेलिस में शूटिंग के दौरान 9/11 हमलों के कारण कई सीन शिफ्ट करने पड़े, फिर भी फिल्म ने बॉलीवुड में क्राइम थ्रिलर को नया आयाम दिया. गाने जैसे 'सोचा नहीं था' और 'माही वे' आज भी सुपरहिट हैं.
Think of yourself as dead. Now take what's left and live it properly - Marcus Aurelius.
— Sanjay Gupta (@_SanjayGupta) June 9, 2026
On the release of KAANTE I met with an accident.
Doctors at Lilavati said the first 72 hours were critical. I made it.
One lifetime was almost totalled. And everything after is a bonus.
I…
11 हफ्ते ICU में
लेकिन फिल्म रिलीज के सिर्फ एक हफ्ते बाद, 27 दिसंबर 2002 को संजय गुप्ता की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई. खंडाला से लौटते वक्त उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई. गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि पहले 72 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं. उन्होंने लंबा समय अस्पताल और रिकवरी में गुजारा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संजय गुप्ता 11 हफ्ते ICU में रहे थे.
उस वक्त संजय गुप्ता सिर्फ 35 साल के थे. फिल्म की सफलता का जश्न मनाने की जगह वे मौत से लड़ रहे थे. बाद में उन्होंने इंटरव्यू में बताया, 'मैंने सोचा था कि फिल्म पूरी होने के बाद लंबी छुट्टी लूंगा, लेकिन वो छुट्टी अस्पताल में बीती.' हादसे के बाद संजय गुप्ता ने 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'शूटआउट एट वडाला', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी फिल्में बनाईं. उनकी फिल्में अक्सर अंडरवर्ल्ड, दोस्ती और बदले की कहानियां रही हैं.