K-Pop Industry Dark Truth: चकाचौंध भरी K-pop इंडस्ट्री का ये काला सच नहीं जानते उसके किरदारों के दीवाने लोग

K-pop की दुनिया की चौकचौंध भरी लगती है. लेकिन हर चमक के पीछे एक स्याह दुनिया भी होती है. लेकिन इस अनजान फैन्स कई बार सारी सीमाएं लांघ जाते हैं. आइए जानते हैं क्या है के-पॉप की दुनिया का काला सच.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
K-Pop की चमक भरी दुनिया का काला सच, शाइनी के जोंघुइन
नई दिल्ली:

Unknow K-Pop Industry Dark Truth: K-pop की दुनिया की चकाचौंध में युवा तेजी से गिरफ्त होते जा रहे हैं. BTS, Blackpink, न्यूजीन्स, Aespa जैसे ग्रुप्स ने लाखों-करोड़ों फैंस के दिल जीते हैं. उनके डांस, ग्लैमरस लुक्स, ट्रेंडी गाने और फैंस के साथ इमोशनल कनेक्शन ने K-pop को ग्लोबल फेनॉमेनन बना दिया है. लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक काला सच छिपा है, जो इंडस्ट्री के कई किरदारों, ट्रेनी से लेकर स्टार आइडल्स तक की जिंदगी की को तबाह कर देता है. फैंस जो उनके लिए दीवाने हैं, लेकिन वो अक्सर ये नहीं जानते कि उनके आईडल्स किन हालात से गुजर रहे हैं.

कैसे होती है K-pop ट्रेनिंग

के-पॉप की शुरुआत ट्रेनिंग सिस्टम से होती है. बच्चे 10-11 साल की उम्र से एजेंसियों में ट्रेनिंग लेते हैं. ये ट्रेनी सालों तक कभी-कभी 5-10 साल डांस, सिंगिंग, लैंग्वेज, एक्टिंग सीखते हैं. रोजाना 12-18 घंटे की प्रैक्टिस, सख्त डाइट, वजन कंट्रोल और प्राइवेट लाइफ पर पाबंदी के साथ उनकी पर्सनल लाइफ मानों खत्म हो जाती है. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक फीमेल ट्रेनी में से 80 फीसदी तक का मासिक धर्म बंद हो जाता है, जिसका कारण सिर्फ एक्सट्रीम डाइट और स्ट्रेस है. ये फिजिकल और मेंटल एक्सप्लॉइटेशन का सबसे बड़ा उदाहरण है.

स्लेव कॉन्ट्रेक्ट्स

K-pop से जुड़ी एजेंसियां 'स्लेव कॉन्ट्रैक्ट्स' कहे जाने वाले कॉन्ट्रेक्ट कराती हैं. इनमें डेटिंग बैन, प्राइवेट लाइफ पर कंट्रोल, कम सैलरी और एजेंसी को ज्यादा प्रॉफिट शामिल होता है. कई आइडल्स को लगता है कि वे एजेंसी की 'प्रॉपर्टी' हैं. 2025 में न्यूजीन्स (NewJeans) का ADOR के साथ विवाद इसी का एक उदाहरण है. न्यूजीन्स ने आरोप लगाया कि उन्हें बुलिंग, हैरासमेंट और धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा. एजेंसी ने कानूनी कार्रवाई की. लेकिन इसने बड़ी एजेंसियों की पोल खोल दी.

मेंटल हेल्थ रिस्क?

मेंटल हेल्थ का मुद्दा सबसे दर्दनाक है. K-pop आइडल्स पर परफेक्शन का इतना प्रेशर होता है कि कई डिप्रेशन, एंग्जायटी और सुसाइड तक पहुंच जाते हैं. शाइनी बैंड के जोंघुइन, एफ (एक्स) की सुली, कारा की गू हारा जैसे कई स्टार्स के सुसाइड के मामले इसी मुद्दे को दिखाते हैं. इनमें से ज्यादातर केस में ऑनलाइन एब्यूज, स्टॉक करने वाले फैंस और इंडस्ट्री का दबाव और फेम प्रेशर जिम्मेदार था. 

टीवी शो पर भी उठी उंगलियां

सर्वाइवल शो जैसे में वोट रिगिंग, मैनिपुलेटिव एडिटिंग और कंटेस्टेंट्स के साथ बदसलूकी के भी स्कैंडल्स आए. एमनेट जैसे चैनल पर कई बार पुलिस जांच हुई, प्रोड्यूसर्स जेल गए, लेकिन नए शोज आते रहे. 2025 में भी ऐसे शो में कंटेस्टेंट्स को एग्जॉस्ट करने, जेनोफोबिक ट्रीटमेंट और असुरक्षित प्रैक्टिसेस की शिकायतें आईं. 

Featured Video Of The Day
Yogi Adityanath Holi Gift:UP के 38 लाख छात्रों की मौज Scholarship में हुई भारी बढ़ोतरी |Uttar Pradesh
Topics mentioned in this article