9 अप्रैल को जया बच्चन 78 साल की हो रही हैं. अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ जया बच्चन का फिल्मी सफर हमेशा से यादगार रहा है. लेकिन उनके करियर की एक अनोखी बात यह है कि उन्होंने सिर्फ एक फिल्म की कहानी लिखी और वो फिल्म थी 1988 की सुपरहिट ‘शहंशाह'. इस फिल्म ने न सिर्फ अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड में वापसी दिलाई, बल्कि उन्हें दोबारा ‘शहंशाह' का ताज भी पहनाया. 1980 के दशक के मध्य में अमिताभ बच्चन राजनीति में कदम रख चुके थे और फिल्मों से थोड़ा दूर हो गए थे.
फिल्म की कहानी
उनकी पत्नी जया बच्चन ने इस दौरान एक शक्तिशाली कहानी लिखी. कहानी थी एक ऐसे नायक की, जो दिन में भ्रष्ट पुलिस अधिकारी बनकर रहता है, लेकिन रात में ‘शहंशाह' बनकर अन्याय के खिलाफ लड़ता है. जया की यह कहानी विजिलैंटे एक्शन ड्रामा थी, जिसमें अमिताभ बच्चन डबल रोल में नजर आए. फिल्म का निर्देशन टिन्नू आनंद ने किया, जबकि पटकथा इंदर राज आनंद ने लिखी. 12 फरवरी 1988 को रिलीज हुई ‘शहंशाह' ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया.
ये भी पढ़ें: बॉलीवुड की वो एक्ट्रेस जिसकी 52 करोड़ की फिल्म ने कमाए 194 करोड़, फिर अचानक हो गई गायब, जानें आज कहां हैं
शहंशाह का बजट
‘शहंशाह' की लागत करीब 2 करोड़ रुपये थी और उसने लगभग 12 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. 1988 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनकर यह ‘तेजाब' और ‘कयामत से कयामत तक' जैसी फिल्मों को टक्कर देती रही. फिल्म के आइकॉनिक डायलॉग “रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह” आज भी लोगों की जुबान पर हैं. इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन की वापसी को यादगार बना दिया. राजनीति से लौटकर वे फिर से बड़े पर्दे पर छा गए और दर्शकों ने उन्हें एक बार फिर ‘एंग्री यंग मैन' और ‘शहंशाह' के रूप में स्वीकार किया.