उर्दू के मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार को निधन हो गया. उनकी मौत की खबर मिलते ही उर्दू शायरी और साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई, मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख्तर ने इस दुखद खबर को साझा करते हुए लिखा, 'आज हमारी भाषा उर्दू थोड़ी और गरीब हो गई. बशीर बद्र, एक बेहद खुशगवार शायर हमेशा के लिए महफिल से उठ गए. शायर और उनकी शायरी हमारी यादों में हमेशा जिंदा रहेंगी.' बशीर बद्र का आज दोपहर करीब 12:30 बजे निधन हो गया. वे डिमेंशिया से संघर्ष कर रहे थे और पिछले तीन-चार दिन से उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. उन्होंने भोपाल में अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार आज शाम को होने की उम्मीद थी; हालांकि, ईद के कारण यह कल भी हो सकता है.
آج ہماری زبان اردو تھوڑی اور غریب ہو گئی ۔ بشیر بدر ایک انتہائی خوشگو شاعر ہمیشہُ کے لیے محفلُ سے اٹھ گیا ۔ یہُ شاعر اور اس کی شاعری ہماری یادوں میںُ ہمیشہُ زندہُ رہیںُ گے
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) May 28, 2026
बशीर बद्र की शायरी आम आदमी की भावनाओं को बहुत करीब से छूती थी. प्रेम, विरह, समाज और जिंदगी के उतार-चढ़ाव को उन्होंने बेहद सहज भाषा में बयान किया. उनकी गजलों ने ना सिर्फ उर्दू प्रेमियों को, बल्कि आम हिंदी पाठकों के दिलों में भी जगह बनाई.