जावेद अख्तर को पसंद नहीं आई थी अमिताभ बच्चन की ये फिल्म, कह दिया- मजा नहीं आया, 45 साल बाद है कल्ट मूवी

जावेद अख्तर को अमिताभ बच्चन और रेखा की आखिरी फिल्म 'सिलसिला' पसंद नहीं आई थी और लेखक सागर सरहदी से कह दिया था-मजा नहीं आया. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
45 साल पहले रिलीज हुई थी अमिताभ बच्चन की सिसिला
नई दिल्ली:

बीते जमाने की कुछ फिल्में ऐसी हैं, जो कभी पुरानी नहीं हुईं. दर्शकों को इतनी पसंद आईं कि आज भी वे इसे उसी नए पन के साथ देखते हैं. ऐसी शानदार क्लासिक फिल्म थी साल 1981 में रिलीज हुई सागर सरहदी की लिखी 'सिलसिला'. आज भी रिश्तों की जटिलताओं और भावनाओं की गहराई के लिए याद की जाती है, लेकिन इसकी रिलीज के समय प्रतिक्रियाएं मिली-जुली थीं. आज सागर सरहदी की पुण्यतिथि है, जानते हैं सिलसिला से जुड़ा मजेदार किस्सा. फिल्म में अमिताभ बच्चन, रेखा, जया बच्चन और संजीव कुमार की परफॉर्मेंस आज भी याद की जाती है. 

जावेद अख्तर को पसंद नहीं आई थी सिलसिला

सागर सरहदी की लेखनी में संवेदना और सच्चाई थी. 'सिलसिला' की शुरुआती प्रतिक्रिया भले ही धीमी रही लेकिन समय के साथ यह क्लासिक बनी और रिश्तों की कहानी कहने का एक नया पैमाना स्थापित किया. सागर सरहदी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मशहूर शायर-गीतकार जावेद अख्तर ने फिल्म देखने के बाद उन्हें सीधे कहा था, “सागर साहब, मजा नहीं आया.” इस बात पर सागर सरहदी ने जवाब दिया कि अगर फिल्म अच्छी नहीं लगी तो वे क्या कारण दे सकते हैं. उन्होंने कहा, “मैंने जो हो सका कर लिया, लेकिन अगर मजा नहीं आया तो मैं क्या कर सकता हूं.”

सिलसिला को लेकर धीमा था रिएक्शन

सागर सरहदी ने बताया था कि 'सिलसिला' की शुरुआती प्रतिक्रिया धीमी थी। जावेद अख्तर की यह टिप्पणी फिल्म के शुरुआती दौर की थी, जब दर्शकों को इसकी गहराई समझ में नहीं आई. हालांकि धीरे-धीरे फिल्म का असर लोगों के मन में बढ़ता गया. सागर सरहदी ने कहा कि इस तरह की फिल्म पहले कभी नहीं बनी थी और बाद में भी नहीं आई. अमिताभ बच्चन और रेखा की जोड़ी के रियल-लाइफ कनेक्शन ने भी बाद में फिल्म को नया आयाम दिया. लोग दोबारा देखने लगे, सराहने लगे और धीरे-धीरे इसे क्लासिक का दर्जा मिला. 

यश चोपड़ा ने सीन करवाए थे रिवाइज

सागर सरहदी ने 'सिलसिला' को लिखने में बहुत मेहनत की. यश चोपड़ा के साथ कई बार सीन रिवाइज हुए, सुझाव आए और फिर लिखना पड़ा. उन्हें लगता था कि इतनी मेहनत एक फिल्म के लिए ठीक नहीं लेकिन उन्होंने पूरी लगन से काम किया. फिल्म के गाने भी बहुत लोकप्रिय हुए, जैसे “रंग बरसे”, “देखा एक ख्वाब” और “मैं और मेरी तन्हाई”. शिव-हरि का संगीत और शायरी ने फिल्म को अमर बना दिया. 

Advertisement

सिलसिला बनीं कल्ट मूवी

लेखक ने बताया था कि फिल्म रिलीज के समय उन्हें इसकी सफलता का अंदाजा नहीं था. वे थकान महसूस कर रहे थे और खुद से भी खुश नहीं थे. उन्हें लगता था कि वे अच्छे नाटककार और लघुकथा लेखक थे लेकिन फिल्मी दुनिया में आकर रोटी-रोजी के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया था कि जब लोग मिलते हैं और कहते हैं कि उन्होंने 'सिलसिला' 10-15 बार देखी है, तो अच्छा लगता है. सागर सरहदी ने माना कि खुशी तो होती है, लेकिन निजी तौर पर उन्हें लगता है कि फिल्म लेखन में ज्यादा समय बर्बाद हुआ. 'सिलसिला' को उन्होंने यश चोपड़ा के साथ मिलकर लिखा, जिसमें यश जी के सुझाव और निर्देशन का बड़ा योगदान था.  

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: Trump के 'गुरुर' पर सबसे बड़ा हमला! | Iran War News | Bharat Ki Baat Batata Hoon