'रात के 2 बजे वो साइकिल रिक्शा लेकर मुझे उठाने आए', इम्तियाज अली शेयर किया कॉलेज के दिनों का किस्सा

इम्तियाज अली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से ग्रैजुएट हैं. यूट्यूबर समदीश के साथ एक बातचीत में इम्तियाज ने कॉलेज के दिनों का किस्सा शेयर किया.

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इम्तियाज अली ने सुनाया कॉलेज के दिनों का किस्सा
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नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा के पॉपुलर फिल्ममेकर्स में से एक इम्तियाज अली ने हाल ही में अपने कॉलेज के दिनों से जुड़ी चौंका देने वाली घटना शेयर की. डायरेक्टर ने याद किया कि कैसे एक पॉलिटिकल पोस्टर को लेकर हुए झगड़े के बाद, दिल्ली में उनके हॉस्टल से एक लोकल गैंग ने उन्हें आधी रात को अगवा कर लिया था. हाल ही में एक इंटरव्यू में यह किस्सा सुनाते हुए इम्तियाज ने कहा कि कैंपस में एक छोटा सा डिसएग्रीमेंट एक झड़प में बदल गया था. हालांकि वह इससे बच निकलने में भी कामयाब रहे.

'अनफिल्टर्ड विद समदीश' में बात करते हुए इम्तियाज ने हिंदू कॉलेज के दिनों की उस घटना को याद किया जहां से उन्होंने 1993 में ग्रेजुएशन किया था. फिल्ममेकर ने बताया कि यह घटना स्टूडेंट पॉलिटिक्स से जुड़ी थी जिसमें उस समय कैंपस में NSUI और ABVP समर्थकों के बीच आपसी दुश्मनी थी.

रात के 2 बजे आए थे इम्तियाज अली को किडनैप करने

उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा, "उस समय यूनिवर्सिटीज में NSUI वर्सेज ABVP की दुश्मनी आम हुआ करती थी. किसी ने मेरे हॉस्टल की दीवार पर एक पोस्टर लगा दिया था. मैंने उनसे कहा कि इसे हॉस्टल के सामने वाली दीवार पर ना लगाएं और इसके बजाय साइड की दीवारों का इस्तेमाल करें. उन्होंने जानबूझकर इसे सामने वाली दीवार पर चिपका दिया. मैं भी अपनी जिद पर था मैंने उनके सामने ही उसे हटाया और साइड में लगा दिया. वे चले गए. कुछ दिनों बाद रात के करीब 2 बजे, मेरे हॉस्टल का एक साथी आया और मुझसे भागने को कहा क्योंकि वही लोग आ रहे थे. वो आए और बोले 'हमारे साथ चलो'. मैंने पूछा कहां? वे मुझे ले जाने के लिए साइकिल रिक्शा लेकर आए थे."

इम्तियाज पर क्यों आन पड़ी थी ये मुसीबत?

इम्तियाज ने बताया कि उन्हें जबरदस्ती साइकिल रिक्शा में बिठाया गया और सरकारी क्वार्टर जैसे इलाके में ले जाया गया, जहां एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन से जुड़े गैंग लीडर ने उनसे पूछताछ की. डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने पोस्टर कभी नहीं फाड़ा था, जैसा कि आरोप लगाया गया था, बल्कि उन्होंने इसे हॉस्टल की सामने वाली दीवार से सिर्फ इसलिए हटाया था क्योंकि उन्हें लगा कि इससे बिल्डिंग का लुक खराब हो रहा है.

इम्तियाज बिनी किसी पंगे के लौटे घर और किसी और को पड़े दो थप्पड़

हालात तब अचानक बदल गए जब गैंग लीडर ने अपने ही साथियों से पूछताछ शुरू की कि असल में क्या हुआ था. उस घटना को याद करते हुए इम्तियाज ने बताया कि गैंग लीडर ने अपने एक साथी से पूछा कि क्या उसने सच में पोस्टर फाड़ा था. जब उस आदमी ने माना कि इम्तियाज ने उसे सिर्फ हटाया था और फाड़ा नहीं था तो गैंग लीडर गुस्से में आ गया और कहा कि उसे कुछ और ही बताया गया था. इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई और गैंग लीडर ने गुमराह करने के लिए अपने साथी को दो थप्पड़ मार दिए. वहां टकराव खत्म हो गया और इम्तियाज बिना किसी नुकसान के वहां से निकल पाए.

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पुराने किस्से से उलट अगर इम्तियाज अली के वर्कफ्रंट पर नजर डालें तो वे 'मैं वापस आऊंगा' की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं. इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी और नसीरुद्दीन शाह हैं. बंटवारे के बैकड्रॉप पर बनी यह फिल्म दो अलग-अलग टाइम लाइन में प्यार, चाहत और पीढ़ियों के बीच के रिश्तों की कहानी दिखाती है. यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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